न्यायालय ने 1,10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। तीन साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने हरियाणा के भिवानी निवासी दोषी रामकिशन अहिरवार को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ में 1,10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
पूंछ थाना क्षेत्र की एक महिला ने 28 जुलाई 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कपड़े धोने पहाड़ पर गई थी। घर पर उसकी तीन साल की पुत्री और 10 साल का बेटा था। इस बीच हरियाणा के ग्राम खानक, तहसील तौसाम, जिला भिवानी निवासी रामकिशन अहिरवार उसके घर आया और बेटी से दुष्कर्म किया। चीखने पर उसका बेटा बाहर आया। उसे देख रामकिशन वहां से भाग खड़ा हुआ। महिला ने बताया कि रामकिशन पूंछ में मजदूरी करता था और पति के साथ अक्सर आता जाता था। पुलिस ने रामकिशन के खिलाफ धारा 452, 376 और पॉक्सो एक्ट में अभियोग दर्ज किया था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पुलिस ने 25 अगस्त 2021 को आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने न्यायालय में दलील दी कि रामकिशन ने इतनी कम उम्र की बच्ची से जो कृत्य किया वह वीभत्स है। उसे कठोर सजा दी जाए। न्यायाधीश ने धारा 452 में सात साल की सजा और 10,000 का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। जबकि पॉक्सो एक्ट में 20 साल की सजा और 1,00,000 का अर्थदंड लगाया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।