आरोप है कि वहां फैक्ट्री से तीनों को मजदूरी नहीं मिली थी। जिसके चलते तीनों गांव लौट आए थे। आरोप है कि एक साल से वह महेश से मजदूरी दिलाने की मांग रहे थे, जिसके न देने पर उसे धमकाया जाने लगा।
मृतक के पिता अर्जुन का आरोप है कि 15 दिन पहले दोनों युवक घर आकर 3500 रुपये ले गए थे। इसके बाद भी पुत्र से रुपये मांगे जा रहे थे। मंगलवार की शाम घर आकर उसे धमकाया गया। जिससे परेशान होकर कमरे में बंद होकर महेश ने आग लगा ली।
उपचार के लिए परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। बुधवार सुबह उपचार के दौरान महेश ने दम तोड़ दिया।