झांसी में एक किसान और उसकी बुजुर्ग मां की मौत का मामला सामने आया है। किसान घर में बीमार बुजुर्ग मां को दवाई देकर खेत पर गया था जहां उसकी मौत हो गई। बाद में मां ने भी दम तोड़ दिया। मां-बेटे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वालों का कहना है कि मां के निधन की खबर देने के लिए जब वह लोग खेत पर पहुंचे तो वहां झोपड़ी के पास मृत अवस्था में मिले। बताया जा रहा है कि रमेश अपनी मां का सबसे प्यारा बेटा था। मां की जरा सी तबियत बिगड़ती थी तो वह बेचैन हो जाता था। परिवारवालों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
मां-बेटे के निधन की यह घटना भरोसे गांव की है। इस गांव के निवासी रमेश राजपूत (50) किसानी करता था। रमेश अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। रमेश की मां लाल कुंवर (80) बीमार चल रही थीं। शनिवार को कुछ ज्यादा तबियत खराब हुई तो रमेश डॉक्टर से दवा लाया और मां को दवा खिलाने के बाद पास में बैठ गया। जब दवाई से उसकी मां को कुछ लाभ हुआ तो उनसे पूछकर मटर की फसल की रखवाली करने के लिए खेत पर चला गया।
परिवार वालों का कहना है कि रात को अचानक मां की हालत बिगड़ गई और रात को दो बजे उनका निधन हो गया। घर वाले मां के निधन की खबर रमेश को देने के लिए खेत पर पहुंचे तो वह झोपड़ी के पास मृत अवस्था में पड़ा मिला।
रमेश के बेटे राहुल ने बताया कि उसके पिता रमेश अपनी मां को बहुत चाहते थे। वह उनके बिना खाना भी नहीं खाते थे। दादी के बीमार होने से वह भी काफी परेशान हो गए थे। लेकिन इसके बाद भी वह खेत की रखवाली करने के लिए चले गए। पुलिस ने रमेश के शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया लेकिन मौत की वजह साफ नहीं हो सकी।