फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरुआसागर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत पंद्रह कैदियों की बदली जेल

विज्ञापन
झांसी कारागार में बंद कैदी। - फोटो : ???? ????
विज्ञापन
बरुआसागर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत पंद्रह कैदियों की बदली जेल
विज्ञापन

झांसी। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बरुआसागर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मेेहेर सागर व उनके भाई मेेहेर सहाय समेत पंद्रह कैदियों को रविवार को आगरा जेल भेज दिया गया है। सभी वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। पिछले माह भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत जिला कारागार से 35 कैदियों की जेल बदली जा चुकी है।
प्रदेश की जेलों में बंद शातिरों पर लगाम लगाने के लिए जेल बदलने का दौर शुरू हो चुका है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था के तहत जेल बदलने का निर्णय शासन स्तर पर लिया गया है। इन कैदियों के अलावा, अन्य कैदियाें को भी दूसरी जेल भेजने की तैयारी है। पिछले माह जिला कारागार से 35 कैदियों को आगरा भेजा गया था। इसी तरह जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बरुआसागर निवासी पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मेहेर सागर, उनके भाई मेहेर सहाय, टहरौली निवासी रामजीवन, बरुआसागर निवासी खलक सिंह, कटेरा निवासी धनीराम, रक्सा निवासी करन, बरुआसागर निवासी सतीश यादव, राजू यादव, थाना नवाबाद क्षेत्र निवासी अनिल साहू, गरौठा निवासी मुन्नू यादव को आगरा भेजा गया है। इसी तरह, टोड़ीफतेहपुर भानूप्रताप, पूंछ निवासी रतनलाल, रक्सा निवासी चतुर सिंह, रघुवीर व रतीराम भी शामिल हैं। इन सभी को आगरा जेल ट्रांसफर कर दिया गया है।
विज्ञापन

इस मामले में मिली थी सजा
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मेेहेर सागर व उसके भाई मेेहेर सहाय ने 26 जनवरी 1993 को ठेके के विवाद में सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के चाचा कमलापत राय ने मेहेर सागर व उनके भाई समेत कईयों पर मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय मामला काफी चर्चाओं मेें रहा था। 20 जुलाई 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
जेल में है 450 कैैदियों की क्षमता
वर्तमान में जेल में करीब बारह सौ कैदी हैं। क्षमता सिर्फ 450 कैदियों की है। क्षमता से अधिक कैदियों के होने की वजह से जेल में सुरक्षा व्यवस्था को खतरा रहता है। ऐसे में कैदियों की जेल स्थानांतरण होने से संख्या कम होगी। साथ ही जेल से भी बोझ घटेगा।
विज्ञापन

सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी को आगरा जेल स्थानांतरित किया गया है। अन्य कैदियों की भी सूची तैयार हो रही है। जल्द ही कुछ और कैदियों को दूसरी जेलों में भेजा जाएगा।
राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें