लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि लोक संस्कृति को सिर्फ सरकारें ही बचाएं हुए हैं। आम लोगों ने इसके लिए क्या किया? अखिल भारतीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी शिल्प महोत्सव में पं. दीन दयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने आई मालिनी अवस्थी ने कमिश्नर आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोगों को अपने बच्चों को कला से भी जोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी माता-पिता अपनी जिम्मेदारी समझें और बच्चों लोक कला संस्कृति का महत्व बताए। आज जो लोक गायन, संगीत सुनाई दे रहा है, वह सिर्फ सरकार के उठाए कदमों की बदौलत है। झांसी में बिताए बचपन के पलों को याद कर लोक गायिका ने कहा कि संगीत हर दौर में बदला है। कलाकार की जिम्मेदारी है कि वह अपनी प्रतिभा से सीधे लोगों को जोडे़। भारत का संगीत बहुत उदार है, जिसमें देश-विदेश की सभी लोक संगीत को जगह मिलती है। उन्होंने अभिभावकों के लिए कहा कि वह बच्चों को अश्लील भाषा वाले रैप संगीत व गीतों से बचाएं।