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Jhansi News: मैथिलीशरण ने पीढि़यों तक पहुंचाई भारतीय ज्ञान परंपरा

Thu, 06 Aug 2026 02:25 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। बीयू में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। वक्ताओं ने कहा गुप्त ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पीढ़ियों तक पहुंचाया। यह संगोष्ठी हिंदी विभाग, बुंदेली विरासत दीर्घा, कला संकाय एवं बुंदेलखंड साहित्य अध्ययन समिति ने संयुक्त रूप से किया।
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बीयू के वृंदावन लाल वर्मा सभागार में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. शिव कुमार शर्मा ने की। उन्होंने कहा ''दद्दा'' मैथिलीशरण गुप्त ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पीढ़ियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मुख्य वक्ता डॉ. गरिमा जैन ने उनकी रचनाओं (साकेत, विष्णुप्रिया, यशोधरा) के माध्यम से समाज में नारी के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ता डॉ. नवेंदु कुमार सिंह ने कहा गुप्त ने बुंदेलखंड को वैश्विक पटल पर स्थापित किया। संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने 50 से अधिक शोधपत्रों का वाचन किया। प्रथम दिवस पर डॉ. उमापति दीक्षित तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने विचार रखे। संचालन डॉ. सुधा दीक्षित ने किया। आभार डॉ. विपिन प्रसाद ने जताया। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. पुनीत बिसारिया ने संगोष्ठी की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।


निबंध में एलिस, भाषण में वैष्णवी व काव्य लेखन में खुशबू प्रथम
झांसी। संगोष्ठी में विद्यार्थियों के बीच कई प्रतियोगिताएं हुईं। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम एलिस कुशवाहा स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, द्वितीय काशी कुमारी टीजेआर इंस्टीट्यूट, तृतीय आकांक्षा एमए हिंदी बीयू रहीं। भाषण में प्रथम वैष्णवी त्रिपाठी विधि संकाय, द्वितीय अमन सक्सेना रिसर्च स्कॉलर, तृतीय भूमि खरे पत्रकारिता विभाग, काव्य लेखन में प्रथम खुशबू वर्मा, द्वितीय बिट्टू कुमार, तृतीय अभिषेक बबेले, वाद-विवाद में प्रथम मयूरी श्रीवास्तव, द्वितीय पीयूष कुमार व तृतीय राजवंशकार रहे। ब्यूरोे
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