वार्डों का परिसीमन घोषित हो जाने और अक्तूबर के महीने में ही चुनाव घोषित होने की संभावना के बीच अब महापौर सीट के आरक्षण का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक पार्टियों के दावेदारों में असमंजस है। वे अपने बड़े नेताओं की चौखट के चक्कर लगा रहे हैं।
शहर की ऐसी कोई गली अथवा मोहल्ला नहीं है, जहां चुनाव की चर्चा न हो रही हो। निकाय चुनाव की दुंदुभी कभी भी बज सकती है। गली - मुहल्लों से लेकर वार्डों तक में समाजसेवी सक्रिय हो गए हैं। मुहल्ले की कोई सड़क खराब हो, नलों में पानी नहीं आ रहा हो, झाड़ू नहीं लगी हो, समाजसेवी तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान को सक्रिय हो जाते हैं। दूसरी ओर, महापौर पद के आरक्षण को लेकर दिन भर अफवाहें उड़ रही हैं। जैसे ही किसी अफवाह के बारे में जानकारी होती है, तत्काल चुनाव मैदान में उतरने के इच्छुक दावेदार सक्रिय हो जाते हैं और लखनऊ में बैठे अपने समर्थकों से कंफर्म करने लगते हैं। हालांकि, जब वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो मायूस हो जाते हैं।
आरक्षण का इंतजार
समाजवादी पार्टी महापौर पद के आरक्षण का इंतजार कर रही है। प्रत्याशी का चयन 11 सदस्यीय कमेटी करेगी। अंतिम मुहर लगने के बाद लखनऊ से प्रत्याशी का नाम फाइनल होगा।
- मिर्जा करामत बेग
महानगर अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
समर्पित कार्यकर्ताओं को टिकट
बहुजन समाज पार्टी में ऐसे कई कार्यकर्ता हैं, जो पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करते हैं। इन कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाया जाएगा। महापौर के नाम की घोषणा आरक्षण तय होने के बाद होगी।
- लालाराम अहिरवार
बुंदेलखंड प्रभारी/ जोन इंचार्ज बीएसपी
अभी निर्णय नहीं
आरक्षण तय हो जाने के बाद ही टिकट पर चर्चा होगी। भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया है। उसी आधार पर टिकट फाइनल होगा। संगठन और पार्टी फोरम के अनुरूप निर्णय होगा।
- संजय दुबे
जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह
निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का दोमुंहा चेहरा सामने आ गया है, इससे चुनाव में कांग्रेस बढ़त हासिल करेगी। महापौर टिकट आरक्षण के बाद तय करेंगे।
- इम्तियाज हुसैन
शहर अध्यक्ष, कांग्रेस