महामारी के बीच महंगाई का तड़का, सरसोें का तेल 200 के पार
झांसी। महामारी के दौर में महंगाई भी लोगों की कमर तोड़ रही। महंगी सब्जी के साथ ही सरसों के तेल की कीमत दो सौ रुपये पार कर गई। दाल एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भी आग लगी है। वहीं, मूल्य नियंत्रण पर लगाम कसने को बनी कमेटी भी कीमतों पर अंकुश नहीं लगा पा रही।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान खाद्य तेल समेत सब्जी एवं फलों के दाम में आसमान छू रहे हैं। खाद्य तेलों में आवक कम होने से उनके दाम पिछले साल से लगातार बढ़ रहे हैं। सत्तर रुपये प्रति किलो से बढ़ते हुए तेल की कीमत पिछले माह तक 150 रुपये किलो तक पहुंच गई। पिछले दो माह के भीतर काली घानी सरसों का तेल 180-190 रुपये तक हुआ। अब इसकी कीमत 200 रुपये पार कर चुकी। ब्रांडेड कंपनियों का तेल इस कीमत पर पिछले माह से बिक रहा। यही हाल सब्जियों की कीमतोें का है। मंडी एवं फुटकर के दाम में दो गुने से भी अधिक अंतर है। मंडी में जो हरी सब्जियां 10-15 रुपये के बीच होती हैं लेकिन, जैसे ही मोहल्लों तक पहुंचती है, यह दोगुनी से अधिक कीमत में बिकने लगती हैं। फुटकर विक्रेताओं की मनमानी के चलते मंडी में दस रुपये किलो बिकने वाला टमाटर उपभोक्ताओं को 20-25 रुपये किलो मिल रहा। मंडी में आलू 15 रुपये प्रति किलो है लेकिन, फुटकर में आलू 20-30 रुपये किलो से कम नहीं मिल रहा। हरी मिर्च, बैंगन, तोराई, भिंडी, परवल जैसी दूसरी सब्जियां भी मंडी रेट से दोगुने से ढाई गुने अधिक पर लोगों को मिल रही हैं।
इनसेट
मंडी की कीमत (रुपये प्रति किलो में) बाजार में दाम
आलू 15 20-25
प्याज 15 25-30
टमाटर 10 20-25
बैगन 20 30-35
भिंडी 25 35-40
तोराई 30 30-35
करेला 20 40-45
गोभी 25 35
परवल 40 50-60
इनसेट
दाल की कीमतों में इजाफा
महामारी के दौर में जब प्रोटीन की आवश्यकता अधिक है ऐसे में शाकाहारियों के बीच प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत माने जाने वाली दालों की कीमतों में भी जबरदस्त इजाफा हो चुका है। अरहर की दाल 125 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। मूंग की दाल 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इस बार चना की आवक कम होने से उसकी कीमतें भी काफी अधिक हैं।
इनसेट
पहुंच से बाहर हुए विटामिन सी वाले फल
कोरोना काल में विशेषज्ञ विटामिन सी के इस्तेमाल पर अधिक जोर दे रहे हैं। इस वजह से इनकी खपत बढ़ गई। नीबू, संतरा, किन्नो, कीवी आदि के दाम बढ़ गए हैं। नीबू अब दस रुपये में दो मिल रहे हैं। इसी तरह संतरा, किन्नो जैसे फल करीब-करीब मार्केट से ही गायब हैं। पहले जो किवी 25 रुपये प्रति पीस मिलती थी, उसका दाम बढ़कर साठ रुपये तक पहुंच गया है। सेब भी 175-200 रुपये प्रति किलो से कम नहीं मिल रहा है।
सरसों के कम उत्पादन की वजह से तेल के दाम बढ़े हैं। पिछले सप्ताह बैठक में इसके मूल्य की समीक्षा की गई थी। जल्द ही फिर से बैठक बुलाकर कीमतों की समीक्षा की जाएगी। अनूप कुमार, डिप्टी आरएम