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उमा के कदम से धर्म संकट में फंसी मध्य प्रदेश सरकार

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झांसी। शराब बंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और मध्य प्रदेश सरकार आमने-सामने हैं। कुछ दिनों पहले उमा ने भोपाल में शराब की दुकान पर पत्थर फेंककर एमपी का सियासी पारा गरमा दिया था। अब मंगलवार को ओरछा में शराब की दुकान पर गोबर फेंककर मध्य प्रदेश सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, पूर्व सीएम के मुताबिक उन्हें भरोसा है कि इस कदम पर सरकार भी उनका साथ देगी।
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मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। उमा भारत भी बीजेपी की कद्दावर नेता हैं। कुछ समय पहले उमा ने शराब बंदी के लिए मुहिम शुरू कर दी है। उमा ने मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर सड़क पर उतरने की बात कही थी। भोपाल में शराब की दुकान पर पत्थर फेंकने का मामला जैसे-तैसे ठंडा हुआ था कि मंगलवार को उन्होंने ओरछा में शराबबंदी पर विरोध दर्ज करा दिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिस रास्ते से रामराजा सरकार के दर्शन करने लोग जाते हैं, उसी मार्ग पर ये दुकान खोल दी गई। इसका मतलब ये है कि दर्शन के लिए जाने से पहले शराब का आचमन फिर उसका पान करें। मालूम हो कि अगले साल एमपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले पूर्व सीएम का शराब बंदी को लेकर विरोध करना, सरकार के लिए चिंता का सबब बन गया है।
...लोगों की प्रतिक्रिया अपराध नहीं कही जाएगी
घटना के बाद उन्होंने ट्वीट किया कि ओरछा के प्रमुख द्वार पर स्थित ये दुकान इस जगह के लिए स्वीकृत ही नहीं है। यह किसी दूर गांव के लिए स्वीकृत है लेकिन खुली ओरछा के मुहाने पर है। इस बारे में जनता और संगठन के लोगों ने भी धरना-प्रदर्शन किया। सरकार को ज्ञापन दिए। प्रशासन से भी इस दुकान को हटाने के लिए कई बार गुहार लगाई। ये दुकान इस पावन नगरी के माथे पर बड़ा कलंक है। दुकान के विरोध में अब लोगों की कोई भी प्रतिक्रिया अपराध नहीं कही जाएगी, क्योंकि यहां दुकान खोलना महा अपराध है।
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