झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एक कर्मचारी पर जाली मार्कशीट बनाकर फेल छात्र को पास करने का गंभीर आरोप लगा है। यही नहीं, सबूत के तौर पर कुछ दस्तावेज भी दिए गए हैं। बीयू प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बीयू में फर्जी मार्कशीट, डिग्री बनाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जिसमें बीयू प्रथम वर्ष के फेल छात्र की फर्जी मार्कशीट बनाकर पास करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता प्रदीप सरावगी ने आरोप लगाया कि रुपये लेकर फेल छात्र की पास की मार्कशीट बना दी गई। अभी तक न तो गोपनीय अभिलेख पूर्ण हैं और न ही परीक्षा अभिलेख। इसी फर्जी अंकतालिका से छात्र ने द्वितीय व तृतीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है लेकिन अभी तक उपाधि जारी नहीं हुई है। ऐसे परीक्षाफलों को पूर्ण करने व फर्जी सत्यापनों को सही करने के लिए कर्मचारी ने प्रशासन विभाग में अपने साथी कर्मचारियों के जरिए अपना स्थानांतरण गोपनीय अभिलेख में करा लिया। इस मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं, मामला संज्ञान में आने के बाद कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।