झांसी। कोतवाली के बड़ागांव गेट बाहर रहने वाली युवती की हत्या उसके प्रेमी सूरज ने ही गला दबाकर की थी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने को उसने उसका शव फांसी पर लटका दिया। सूरज इतना शातिर निकला कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी वह मौके से फरार नहीं हुआ बल्कि परिवार वालों के साथ ही वारदात स्थल पर मौजूद रहा। शक के आधार पर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तब उसने वारदात में शामिल होने की बात मान ली।
इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय के मुताबिक बड़ागांव गेट बाहर लार्ड महाकालेश्वर के पास रहने वाले मूलचंद रजक की पुत्री आरती का 16 मार्च को घर के अंदर शव मिला था। परिजनों ने बताया उसने आत्महत्या कर ली लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या होने की पुष्टि हुई। छानबीन में मालूम चला आरती की शादी हो चुकी थी लेकिन, पति से अलग होकर वह मायके में रहती थी। इसी दौरान सूरज पाल पुत्र सुरेश चंद्र निवासी बड़ागांव गेट बाहर से उसकी दोस्ती हो गई। सूरज ने शादी करने का भरोसा दिलाकर उसके साथ संबंध बना लिए। उसके बाद आरती शादी का दबाव बनाने लगी।
सूरज शादीशुदा होने के साथ ही तीन बच्चों का बाप था। शादी करने को वह राजी नहीं हुआ। इसके बाद उसने आरती की हत्या की योजना बनाई। 16 मार्च को आरती घर में अकेली थी। वहां वह आधार कार्ड लेने के बहाने पहुंचा और मौका देखकर उसका गला दबा दिया। किसी को शक न हो इसके लिए साड़ी का फंदा बनाकर उसे वहीं लटका दिया। मोहल्ले में जब शोर मचा तब वह भी वहां पहुंच गया। परिवार वालों के साथ वह पुलिस के पास भी गया। उसे यकीन था कि पुलिस को शक नहीं होगा लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी पोल खोल दी। सीओ सिटी डा. प्रदीप कुमार के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।