झांसी। कोरोना वायरस के चलते सौंदर्य प्रसाधन, हौजरी, रेडीमेड कपड़े, मोटर पार्ट्स, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रानिक, एसेसरीज, फुटवियर, समेत कई कारोबार पर प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। बाजार में ग्राहकों की संख्या लगातार घटती जा रही है। इससे थोक और फुटकर दोनों तरह के कारोबारियों की बिक्री पर असर पड़ रहा है। दूसरे शहरों से ऑर्डर पर व्यापारियों को माल भी नहीं मिल पा रहा है। इससे झांसी महानगर में प्रतिदिन के कारोबार को पांच करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।
बुंदेलखंड के सभी प्रमुख जगहों छतरपुर, महोबा, मऊरानीपुर, गरौठा, गुरसराय, मोंठ, बरुआसागर, चिरगांव आदि कस्बों के व्यापारी झांसी के थोक व्यापारियों से माल खरीदकर ले जाते हैं। झांसी के थोक व्यापारी दिल्ली, इंदौर, लखनऊ, कानपुर, मुंबई शहरों से मांग मंगाते हैं। कोरोना वायरस के चलते सौंदर्य प्रसाधन समेत कई वस्तुओं का कारोबार प्रभावित होने लगा है। यह कारोबार कहीं न कहीं चीन से जुडे़ हैं। इन उत्पादों में या तो चीन से कच्चा माल आता है या पूरी तरह तैयार होकर आते हैं। यहां की कंपनियां चीन के तैयार माल को अपना नाम देकर बाजार में उतारती हैं। पिछले डेढ़ महीने से चीन ने सभी प्रकार के सामान के आयात पर रोक लगा रखी है। इससे नया स्टॉक कंपनियों को नहीं मिल रहा है। इसका प्रभाव थोक व फुटकर व्यापारियों पर दिखना शुरू हो गया है।
जब से चायना का हल्ला मचना शुरू हुआ है, तब से माल नहीं मिल पा रहा है। स्टॉक में जो माल बचा है, उससे काम चला रहे हैं। दूसरा बाजार में ग्राहक भी कम हो गए हैं, जिसका सीधा प्रभाव उनके थोक व्यापार पर पड़ रहा है। प्रतिदिन नुकसान हो रहा है।
अनूप गर्ग, थोक व्यापारी हौजरी व सौंदर्य प्रसाधन।
कोरोना वायरस के चलते दिल्ली से माल नहीं आ पा रहा है। जो माल मिल भी रहा है तो उसकी दरें बढ़ा दी गई हैं। ग्राहक जिस कंपनी का माल मांग रहे हैं, उसकी जगह जिस भी दूसरी कंपनी का माल है उसे विकल्प के रूप दे रहे हैं। प्रतिदिन घाटा बढ़ता जा रहा है।
अंकुर बट्टा, प्लास्टिक सामान के थोक व्यापारी।
गर्मियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में कूलरों के लिए पंप की मांग बढ़ जाती है। कोरोना के चलते दिल्ली के व्यापारी उनको माल नहीं भेज रहे हैं। दूसरे इलेक्ट्रिक सामान भी नहीं मिल पा रहे हैं। अगर जल्द ही हालत नहीं सुधरे तो परेशानी बढ़ना तय है।
वीरेंद्र सिंह, इलेक्ट्रानिक व्यापारी।
स्कूल, कॉलेज बंद होने से मार्च में दुकान में सन्नाटा पसरा हुआ है। इन दिनों भोजन करने तक की फुर्सत नहीं मिलती थी। लगातार घाटा हो रहा है। दूसरा, चीन से माल न आने के कारण स्टेशनरी के सामान की कमी होने की समस्या का भी सामना करना होगा।
पंकज अग्रवाल, थोक व्यापारी स्टेशनरी।
दवाओं का अधिकांश कच्चा मैटेरियल चीन से आता है। कच्चे माल की चेन टूटी तो उसका नुकसान आगे होने वाला है। ऐसे में बाजार में दवाओं की कमी आ जाएगी। फिलहाल, दवा बाजार में ग्राहकों की कमी होती जा रही है।
विजय बरसैंया, दवा के थोक व्यापारी।
कोरोना वायरस का फुटवियर के कारोबार पर बड़ा असर पड़ रहा है। उनके कारोबार में पिछले एक महीने में तीस से पैंतीस प्रतिशत की कमी आई है। चीन से जूता चप्पलों के शोल आदि बहुत सामान आता है। अगर यही हाल रहे तो फुटवियर और महंगे हो जाएंगे।
अमन गुप्ता, थोक व्यापारी फुटवियर।