झांसी। डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत बनने वाले लोहिया आवास अब चयनित ग्रामों के दायरे से बाहर निकलते हुए पात्रों को लाभ पहुंचाएंगे। जिलाधिकारी ने आपदा पीड़ितों और कुपोषित बच्चों के परिवारों में से पात्रों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में जिले में 21 ग्राम डॉ. राम मनोहर लोहिया आवास योजना में चुने गए हैं। चयनित ग्रामों में 25-25 आवास बनाना स्वीकृत है। साथ ही आवासों की संख्या का दस प्रतिशत अधिक आवास जिलाधिकारी अपने अधिकार से बनवा सकते हैं। जिलाधिकारी अनुराग यादव ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से बनने वाले आवासों का लाभ आपदा पीड़ित परिवारों व कुपोषित बच्चों के परिवारों को दिया जाए।
आपदा पीड़ित परिवारों में उन 16 लोगों को शामिल किया है, जिनकी मौत फसल खराब होने के कारण सदमे से हुई थी और जिन्हें आकांक्षा समिति ने सहायता प्रदान की थी। इन 16 परिवारों की पात्रता जांची जाएगी, जो भी परिवार लोहिया आवास के मानकों के अनुसार पात्र मिलेगा उसे लाभ दिया जाएगा।
वहीं, राज्य पोषण मिशन के तहत कमिश्नर द्वारा गोद लिए ग्राम बरल व बराठा, जिलाधिकारी द्वारा गोद लिए गांव टांकोरी व लक्ष्मणपुरा एवं सीडीओ द्वारा गोद लिए गांव भुजोंद एवं गुलारा में कुपोषण के शिकार बच्चों के परिवारों की पात्रता भी जांची जाएगी। पात्र परिवारों को लोहिया आवास का लाभ दिया जाएगा।
शासन द्वारा जिले में स्वीकृत कुल 577 लोहिया आवासों में से 265 आवासों के लिए राशि जारी कर दी है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने इनमें से 258 लाभार्थियों को पहली किश्त जारी कर दी है।
वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देश पर आपदा पीड़ित परिवारों और कुपोषित बच्चों के परिवारों की पात्रता जांचने के निर्देश संबंधित ब्लाकों के बीडीओ को दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आते ही उससे डीएम को अवगत करा दिया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले परिवारों को लोहिया आवास का लाभ दिया जाएगा।
- प्रहलाद सिंह, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण