बड़ागांव/सकरार। झांसी के पारीछा, रिछौरा गांव में सुबह 10 बजे करोड़ों की संख्या में टिड्डी दल ने हमला बोल दिया। जिसमें दोनों गांवों के लगभग पचास किसानों की उर्द, चुरू तथा सब्जी की फसलें चौपट हो गयीं। सभी पौधों के पत्ते तथा फल टिड्डी ने खा लिये। सकरार में भी सब्जी, बाजरा की फसल को नुकसान हुआ।
लेखपाल ने पड़ताल में पाया कि पारीछा मौजे में 15 खेत व पारीछा खुर्द में 15-20 खेत, रिछौरा के एक बड़े खेत पर क्षति हुई। तहसीलदार अजय मौर्या ने बताया कि 33 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर प्रति किसान 13 हजार 500 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। पारीछा प्रधान प्रीति इंद्रप्रताप सिंह ने शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की। उधर, सकरार में करीब 3 बजे लाखों की संख्या में टिड्डी दल का समूह करीब 3 किलोमीटर एरिया को कवर करता हुआ कस्बा के कछिया हार में उतर का फसलों को नुकसान पहुंचाने लगा। किसानों ने बचाव के लिए खेत के चारों तरफ धुआं किया एवं बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक थाली तसला आदि बजाकर फसलों का नुकसान होने से बचाया। इसके अलावा टिड्डी दल ने जावन, नेंगुआ, संतपुरा अड़जार, ढोंड़ा सिजोरा सहित कस्बा सकरार में पहुंचकर अरबी एवं बैगन, बाजरा, आम आदि पेड़ पौधों की पत्तियां चट कर दीं। कस्बा के लाला राम, जय राम, नंदराम, फूल सिंह, वीरेंद्र नाहर सिंह, हरगोविंद रामदयाल, रामजी लाल, चिरौंजी लाल सहित अन्य किसानों ने थाली बजाकर फसलों को नुकसान होने से बचाया। वहीं प्रेस जैन एवं संजय सिंह चौहान ने बताया कि अधिकारियों को फोन लगाने पर रिसीव नहीं हुआ। बड़ी मुश्किल से कृषि विभाग के अधिकारियों ने फोन रिसीव कर बताया रात्रि में दल के रुकने पर ही वहां हम दवाई का छिड़काव करते हैं। उप जिलाधिकारी मऊरानीपुर अंकुर श्रीवास्तव एवं तहसीलदार राकेश कुमार सहित नायब तहसीलदार, लेखपाल रजत मिश्रा अमित पटेल उदय सिंह यादव लेखपाल व संग्रह अमीन राम प्रताप सिंह चंदेल कल्याण कुशवाहा आदि ने मौके पर पहुंचकर ग्राम जावन सकरार अड़जार में धुआं करने व ध्वनि करने के निर्देश दिए। वहीं जावन प्रधान अमर सिंह राजावत ने बताया कि टिड्डी दल ज्यादा नुकसान पहुंचाता उसी समय धूल भरी आंधी आने से आगे की ओर उड़ गया। टिड्डी दल के चले के जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वापस आने की आशंका से किसानों में भय व्याप्त है।
खेतों पर हमला, घरों में भी घुसीं टिड्डियां
बरुआसागर। बृहस्पतिवार को एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में टिड्डी दल का प्रकोप देखा गया। अचानक से आए टिड्डियों के समूह ने खेतों में लगी फसलों पर हमला किया तो लोगों के घरों में भी घुस गये। जिन्हें बाहर निकालने में लोगों को मशक्कत करना पड़ा। टिड्डियों के यहां रात्रि विश्राम की आशंका के चलते किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। इस बार ग्रामीण इलाके के घुघुआ, हरपुरा, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, बरुआसागर झील किनारे बसे गांव खजरा, टपुआ, चिपलोठा आदि रहे। हालांकि, इस बीच तेज आंधी और बरसात के कारण यह दूसरे क्षेत्र में गये जरूर लेकिन हवा और बारिश के रुकते ही एक बार फिर इन्हीं गांवों की ओर लौट आए। टिड्डियों ने इस दौरान किसानों की लौकी, करेला, तरबूज की फसल को नुकसान भी पहुचांये जाने की खबर है। हालांकि किसानों ने थाली बजाकर उसे भगाने का प्रयास किया। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी के के सिंह ने कहा कि दिन के समय किसान थाली बजाकर या पटाखे छोड़कर इनको भगाएं यदि ये रात्रि विश्राम करते हैं तो विभाग टीम भेजकर दवा का छिड़काव कराएगा।
बुधवार को टहरौली में टूटा टिड्डी दल का कहर
टहरौली। कस्बे में बुधवार शाम छह बजे करोड़ों की संख्या में टिड्डी दल आ जाने से पूरे क्षेत्र में अफ रा-तफ री मच गई। टहरौली समेत ग्राम बघैरा, सेरिया, ताई जागीर से सिलोरी तक करोड़ों की संख्या में टिड्डी दल खेतों और पेड़ों पर बैठे नजर आए। जिन किसानों के खेतों पर सब्जी लगी हुई थी। उन्होंने अपनी फसल को बचाने के लिए थाली, साउंड सिस्टम का सहारा लिया। उपजिलाधिकारी टहरौली शशिभूषण डीजे के साथ कस्बे के आसपास के क्षेत्र में टिड्डियों को भगाने में लगे रहे। कस्बा टहरौली से करीब तीन किलोमीटर बिजना रोड पर करीब चार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में टिड्डी दल खेतों और पेड़ों पर विश्राम ले चुका था।