झांसी। गल्लामंडी और न्यू गल्लामंडी से जुड़ी एक लाख से अधिक आबादी को बिजली ने फिर रुलाना शुरू कर दिया है। बुधवार को आए फाल्ट के कारण संबंधित क्षेत्रों की रात डेढ़ बजे तक घंटों बिजली गुल रही। बृहस्पतिवार को भी बिजली का आना जाना बना रहा। बिजली के बिना उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।
शहर के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को गल्लामंडी और न्यू गल्लामंडी सबस्टेशन से बिजली मिलती है। पहले ये सबस्टेशन हंसारी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से जुड़े थे, लेकिन अब दोनों सबस्टेशन को बड़ागांव के दुनारा स्थित 220 केवीए ट्रांसमिशन सबस्टेशन से जोड़ दिया गया है। इस हिसाब से तीन हाईटेंशन लाइनों से इन सबस्टेशनों को करंट मिल रहा है। मगर दुनारा से आने वाली एक और हंसारी हाईटेंशन लाइन फाल्ट के कारण बंद पड़ी है।
बुधवार की शाम मेडिकल मार्ग पर स्थित नजा हास्पिटल के पास लगे ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ गया। इससे दुनारा से आने वाली दूसरी हाईटेंशन लाइन भी फाल्ट आ गया। कर्मचारी घंटों फाल्ट को तलाश कर ठीक करते रहे, तब कहीं जाकर रात 1.30 बजे संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति को सामान्य बनाया जा सका। बृहस्पतिवार को भी बिजली का आना जाना बना रहा। वहीं, बृहस्पतिवार की सुबह सूतीमिल सबस्टेशन से जुड़े थापक बाग फीडर की लाइन का केबल बक्सा फटने व पेड़ गिरने के कारण एक खंभा टेढ़ा होने के कारण दिन भर संबंधित क्षेत्रों की बिजली बंद रही। रानीमहल से जुड़े सुभाषगंज और आसपास के क्षेत्रों में भी शाम को कई घंटे बिजली बंद रही। इससे लोग परेशान रहे।
यह क्षेत्र जुड़े
गल्ला मंडी सबस्टेशन से गोलाकुआं, बड़ाबाजार, घासमंडी, लक्ष्मीगेट, तिलयानी बजरिया, बंगलाघाट, अंदर बड़ागांव गेट, गुदरी, डरू भौंडेला, पुरानी पसरट, ओम शांति नगर, सागर गेट, कैलाश रेजीडेंसी, अजय इनक्लेव, गल्ला मंडी मार्ग, मदकखाना, कपूर टेकरी, कसाई मंडी, तालपुरा, खुशीपुरा, बाहर ओरछा गेट, शिवाजी नगर, डड़ियापुरा और आसपास के क्षेत्र जुड़े हैं।
शहर में हमारा ऐसा क्षेत्र है जहां बिजली के आने- जाने का कोई वक्त निर्धारित नहीं है। आए दिन फाल्ट के कारण बिजली बंद रहती है।
उमाशंकर, खुशीपुरा।
बिजली विभाग ने जब से गल्लामंडी की सप्लाई दुनारा से जोड़ी है, तब से दिक्कत ज्यादा हो गई है। बिजली जाने के बाद सबस्टेशन का कभी फोन नहीं उठता।
रविंद्र साहू, तालपुरा।
बुधवार की रात पल- पल काटना मुश्किल हो गया। उमस भरी गर्मी से बच्चे बेहाल हो रहे थे। बिजली आने का कोई पता नहीं था।
अनिल कुमार, कालीमाई।
गल्लामंडी सबस्टेशन की व्यवस्थाएं पिछले एक साल से बिगड़ी चल रही है। उच्च अधिकारी भी यहां के लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं।
पुष्पेंद्र वर्मा, खुशीपुरा।