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बिजली थाने का हाल, पांच हजार मुकदमे, एक दरोगा

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झांसी। प्रदेश सरकार ने बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के लिए हर जिले में बिजली थाने बनाए, लेकिन थानों में स्टाफ का टोटा है। जिले में खुले बिजली थाने में बीते दो साल में 5000 मामले दर्ज हुए, मगर इनको निपटाने के लिए महज एक दरोगा की तैनाती है। हालांकि अब तक 1200 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दिया गया है।
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17 अगस्त 2019 को सीपरी बाजार खालसा विद्युत सबस्टेशन के बगल में खाली पड़ी विभाग की जमीन पर विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाना खोला गया था। अब तक बिजली विभाग के अधिकारियों और विजिलेंस द्वारा चेकिंग के बाद 5370 एफआईआर दर्ज कराईं जा चुकीं हैं। थाना खुलने के बाद पहली एफआईआर 13 सितंबर 2019 को दर्ज हुई थी। तब से लेकर अब तक 1200 मामलों में शमन शुल्क जमा करने के बाद मामलों को निस्तारित कर दिया गया है।
बिजली थाना खुलने से बिजली विभाग को सहूलियत हो गई है। पहले कहीं चेकिंग पर जाने के लिए पुलिस फोर्स के लिए पत्राचार करना पड़ता था। कई बार पुलिस की उपलब्धता नहीं होती थी। इस कारण चेकिंग नहीं हो पाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। पहले पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज की जाती थी। अब अलग थाना होने से यहां पर सिर्फ बिजली के मामले दर्ज होते हैं और शमन शुल्क जमा करने पर निस्तारित किए जाते हैं।
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ये दिक्कतें आ रहीं
बिजली थाने में स्टाफ की कमी से तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर मुकदमा दर्ज होेने के बाद विवेचना, चार्जशीट लगाने और शमन शुल्क वसूलने में दिक्कत होती है। स्टाफ की कमी की वजह से कभी-कभी चेकिंग के दौरान भी समस्या आती है।
आते हैं ऐसे मामले
- मीटर से पहले कट लगाकर बिजली चोरी करना।
- बिना कनेक्शन घर मेें कटिया डालकर बिजली जलाना।
- बकाये पर कनेक्शन कटने के बाद भी लाइन जोड़ लेना।
- चोरी की बिजली से सिंचाई करने की मोटर चलाना।
- घरेलू बिजली कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल।
सब इंस्पेक्टर के पांच पद सृजित
बिजली थाना में सबइंस्पेक्टर के पांच पद सृजित हैं। इसके अलावा एक मुख्य आरक्षी, आठ आरक्षी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर का पद सृजित है। लेकिन अभी इंस्पेक्टर नहीं हैं।
दो साल में बिजली थाने में 5370 एफआईआर दर्ज की गईं हैं। इनमें से बारह सौ मामलों को शमन शुल्क जमा करने पर निस्तारित कर दिया गया है। शेष की विवेचना चल रही है। जुर्माना जमा नहीं करने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाता है। - रामकुमार, थाना प्रभारी
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