झांसी। महानगर के यातायात को पटरी पर लाने के लिए लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल ने बृहस्पतिवार को लोगों को धोखा दे दिया। इलाइट चौराहे पर करीब 10 मिनट तक लालबत्ती जलती रही और वाहन खड़े रहे। ट्रैफिक लाइटों के साथ लगे टाइमर के न चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने टेस्टिंग करने की बात कही है।
महानगर में 180 करोड़ रुपये की लागत से कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। इसके लिए 13 चौराहों पर यातायात व्यवस्था के मद्देनजर ट्रैफिक सिग्नल लगा दिए गए हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद ट्रैफिक सिग्नलों के जरिए यातायात का संचालन शुरू कर दिया गया। महानगर के इलाइट चौराहे पर यातायात व्यवस्था ट्रैफिक सिग्नल से ही सुचारू हो रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर में ट्रैफिक सिग्नलों ने लोगों को धोखा दे दिया।
सिग्नल पर लालबत्ती देख वाहन रुक गए। करीब 10 मिनट तक लाल बत्ती जलती रही। इसके साथ ही सिग्नल पर लगे टाइमर पर समय नहीं दिख रहा था। इसे लेकर चौराहे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। तेज धूप में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। उधर, स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट मैनेजर निशांत कुमार का कहना है कि ट्रैफिक लाइटों को लेकर ट्रायल चल रहा है। बृहस्पतिवार को पुलिस विभाग और कार्यदायी संस्था टेस्टिंग कर रही थी। इसके चलते टाइमर में तकनीकी दिक्कत आई।