झांसी। बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए राशन की दुकान पर बिल जमा करने की योजना दुकानदारों के रुचि न दिखाने के कारण सफल नहीं हो पा रही है। जनपद की 595 में से 539 राशन दुकानों पर यह सुविधा शुरू की गई थी।
बिजली विभाग बिल जमा करने की सुविधा अपने काउंटर व जनसेवा केंद्रों पर कर रखा है। जनपद में 35 बिल जमा काउंटर व 148 जनसुविधा केंद्र खुले हैं। इसके बाद भी खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रतिशत ही उपभोक्ता हर महीने अपने बिल जमा कर रहे हैं। इसका एक कारण बिल जमा काउंटर व जनसुविधा केंद्र गांव से दूर खुले होना भी है। शासन ने पिछले साल सिस्टम इंटीग्रेेटर संस्था मेसर्स ओएसिस साइबरनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम ई- पॉश मशीनों द्वारा बिजली बिल भुगतान किए जाने की सुविधा प्रदान की थी। इसमें राशन विक्रेता को मोबाइल की तरह ई-वॉलेट पद्धति के माध्यम से अपनी ई-पॉश मशीन को रिचार्ज कराना है। इसके बाद वह उपभोक्ताओं के बिल जमा कर सकते हैं। जनपद की 595 में 539 राशन की दुकानों पर यह व्यवस्था शुरू की गई थी। लेकिन दुकानदार इस योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उनको रिचार्ज की समस्या परेशान कर रही है। इस कारण महीने में एक भी बिल पॉश मशीन से जमा नहीं हो रहा है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) जेपीएन सिंह ने बताया कि राशन दुकानदार इस योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस कारण विभाग को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस तरह मिलता है कमीशन
राशन विक्रेता को दस हजार रुपये तक के बिल जमा करने पर 17 रुपये व इससे ऊपर 23 रुपये कमीशन मिलता है। हालांकि, राशन विक्रेता को पहले अपनी पॉश मशीन में मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना पड़ता है।