झांसी। दहेज की मांग पूरी न होने व बेटा पैदा न होने पर बहू को जलाकर मार डालने के मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश व न्यायालय संख्या दो ओमवीर की अदालत ने दोष सिद्घ होने पर अभियुक्त पति व चाचा ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देेवेंद्र पांचाल ने बताया कि थाना पूंछ के रमपुरा गांव निवासी संतराम अहिरवार ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसकी पुत्री क्रांति उर्फ सरिता की शादी शादी वर्ष 2011 में धौरका गांव निवासी मनोज कुमार अहिरवार के साथ हुई थी। 10 अक्तूबर 2014 की शाम को सूचना मिली कि क्रांति को जली हुई हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यहां पुत्री ने बताया की मांग पूरी न होने व पुत्र पैदा न होने पर पति, सास, ससुर, चचिया ससुर व चचिया देवर ने मारपीट कर मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। 16 अक्तूबर को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।