जमीन के विवाद में 10 साल पहले एरच थाने के गोकुल गांव में कुल्हाड़ी से पड़ोसी की नृशंस हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को एडीजे गरौठा शिवकुमार तिवारी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जमीन को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के मुताबिक गोकुल गांव के भूरे पाल और उसका चचेरा भाई कल्लू पाल अपने खेत पर बाड़ लगा रहे थे। एक नवंबर 2016 को पड़ोस में रहने वाले राकेश पाल और उसके भाई शिवपाल कुल्हाड़ी लेकर आए। जमीन के विवाद में दोनों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर दोनों ने कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया था। कुल्हाड़ी का एक वार भूरे की गर्दन पर किया था। इसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। साथ ही चचेरा भाई कल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया था।
मृतक के पिता बुद्धू सिंह की तहरीर पर एरच पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया था। न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था। साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, बाद में दोनों को जमानत मिल गई थी।
न्यायालय ने सुनाई सजा
मंगलवार को गरौठा एडीजे की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि दोनों भाइयों को फंसाया जा रहा है। वे घटना स्थल पर थे ही नहीं, लेकिन एडीजीसी पुष्पेंद्र राजपूत ने तर्क दिया कि मामला बेहद संगीन है। दोनों सगे भाइयों ने कुल्हाड़ी से भूरे पाल की हत्या की थी व कल्लू गंभीर रूप से घायल हुआ था। उन्हें राहत नहीं दी जानी चाहिए। इस आधार पर न्यायालय ने दोनों सगे भाइयों राकेश और शिवपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।