संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। श्रमिक की 8 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप सिद्ध होने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अनुभव द्विवेदी ने दोषी संदीप जैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही एक लाख का अर्थदंड भी लगया।
नवाबाद थाना क्षेत्र में दतिया का रहने वाला एक श्रमिक परिवार के साथ नवाबाद थानाक्षेत्र में एक रहकर मजदूरी करता था। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 3 अप्रैल 2021 को उसकी 8 साल की बेटी सुबह 6:30 बजे दूध लेने पास की दुकान पर गई थी। घर वापस न लौटने पर उसकी खोजबीन की गई। खोजबीन करने पर सुबह 10 बजे बेटी की लाश एक खाली प्लॉट पर चादर में खून में लथपथ मिली थी। छानबीन करने पर पता चला कि टीकमगढ़ के थाना दिमौड़ा के ग्राम बमौरी के रहने वाले संदीप जैन वहां घात लगाए बैठा था और मौका मिलने पर उसकी बेटी का मुंह दबाकर कमरे में ले गया था। दुष्कर्म करने के बाद पकड़े जाने के डर से उसके सिर पर ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी और शव को फेंक दिया था। कमरे से पुलिस को संदीप के खिलाफ साक्ष्य मिले थे पर तब तक आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट में साक्ष्य के आधार पर दोषी को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और एक लाख का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
घटनास्थल के साक्ष्य रहे अहम
न्यायालय में हत्या में प्रयुक्त खून से सना ईंट, खून से लथपथ कपड़े और पीड़िता के बाल के अलावा मौके से पुलिस ने नमूने जुटाए थे। इन साक्ष्य को न्यायालय में पेश किया। सारे साक्ष्य के आधार पर आरोपी पर दोषी सिद्ध हुआ और उसे सजा सुनाई गई।
- चंद्रप्रकाश शर्मा, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो