झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या छह दिग्विजय नाथ की अदालत ने हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत मेवातीपुरा निवासी कमर जाहिरा ने थाना कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसका पुत्र शाने हैदर रेडीमेड कपड़ों का काम करता था। भांडेरी गेट निवासी राजकुमार कुशवाहा ने उससे तीस हजार रुपये के कपड़े उधार लिए थे। उधारी मांगने पर वह उसके पुत्र से झगड़ा करता था। 13 मार्च 2009 को उसके पुत्र को राजकुमार व उन्नाव गेट निवासी राकेश कुशवाहा ने रुपये लौटाने के लिए बुलाया।
वह घर से अपने दोस्त वीरू कुशवाहा के साथ निकला। उन्नाव गेट बाहर अंजनी माता मंदिर के पास उक्त दोनों ने तमंचे व तलवार से हमला बोल दिया, जिससे शाने हैदर की मौत हो गई तथा उसका दोस्त वीरू कुशवाहा घायल हो गया।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को धारा 302 में आजीवन कारावास व पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। 307 में दस-दस साल के कारावास से दंडित किया। इसके अलावा राजकुमार को धारा 4/25 में तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम यादव ने की।