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बगैर टेस्ट के नहीं बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस

Mon, 31 Aug 2015 11:22 PM IST
झांसी/ ब्यूरो
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सोमवार को जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
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कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) उमेश नारायण पांडेय ने की। इस दौरान तय हुआ कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पूर्व आवेदक का ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। इसके लिए परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग ट्रैक का निर्माण कर लिया गया है। सितंबर से इस प्रक्रिया का क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा व्यावसायिक वाहन चालकों को नवीनीकरण के लिए एक सप्ताह का रिफ्रेशर कोर्स कर आईटीआई से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस के लिए उनकी सघनता से जांच होगी। दुर्घटना में लिप्त चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए संबंधित थानाध्यक्ष को वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना होगा।
बैठक के दौरान दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को निकटवर्ती अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता की समीक्षा हुई। एडीएम ने एनएचएआई के अधिकारियों को झांसी-ललितपुर मार्ग तथा झांसी-शिवपुरी मार्ग पर स्थित टोल प्लाजा पर एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही तय हुआ कि जनपद में संचालित बसों पर मार्ग का नाम, परमिट संख्या व परमिट की वैद्यता स्पष्ट रूप से अंकित की जाए। इसके लिए बस स्वामियों को एक माह का समय दिया गया।
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बैठक में नगर मजिस्ट्रेट आरपी मिश्रा, सीएमओ डॉ. वीके यादव, सीओ सिटी कल्याण सिंह, डीआईओएस नीरज कुमार पांडेय, एआरटीओ (प्रवर्तन) सिद्धार्थ यादव व सहदेव पाल समेत विभिन्न वाहन यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। आभार एआरटीओ (प्रवर्तन) सर्वेश कुमार सिंह ने जताया।

सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी
झांसी। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सामने आया कि साल 2013 में जिले में 434 सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं, जिनमें 225 की मृत्यु हुई थी। 2013 में हुई 375 सड़क दुर्घटनाओं में 189 ने जान गंवाई थी। जबकि, 2014 में 279 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 146 को जान गंवानी पड़ी। एडीएम ने पीडब्लूडी व एनएचएआई को दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।
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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को बनेगी रणनीति
झांसी। बैठक में तय हुआ कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा की रणनीति तैयार करने को अलग से विद्यालय प्रबंधन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी, जिसमें स्कूल में आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था, स्कूलों में यातायात नियमों के प्रशिक्षण की व्यवस्था, यातायात प्रबंधन के लिए स्कूलों में नोडल इंचार्ज नामित करने, बगैर हेलमेट के छात्रों को विद्यालय में प्रवेश न करने देने आदि बिंदुओं पर रणनीति तैयार की जाएगी, जिसका कड़ाई से अनुपालन होगा।
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