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झांसी में कोरोना का हाहाकार संभाल लें अफसर, नहीं तो ली जाएगी खबर

Thu, 01 Oct 2020 01:21 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए झांसी मंडल में चल रही परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कोविड रोकथाम के उपायों पर चर्चा करते हुए जनपद झांसी में मृत्यु दर अधिक और रिकवरी रेट के स्टेट लेवल से कम होने पर चिंता जताई। उन्होंने इन स्थितियों पर नियंत्रण लाने के लिए तत्काल से ठोस उपाय शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा स्थिति खराब होने पर दोषियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

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सीएम ने सड़क निर्माण, आसरा योजना के अंतर्गत आवास, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना, लखेरी बांध के अवशेष कार्य, आईटीआई की स्थापना कार्य समेत अन्य कार्यों समेत कोविड रोकथाम के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश देते हुए इन कार्यों में धन की कमी न होने देने का भी भरोसा दिलाया।

उन्होंने स्मार्ट सिटी, अमृत योजनान्तर्गत, पेयजल एवं पार्कों के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। झांसी मंडल को पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए इसे आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। इसके पहले मुख्यमंत्री को मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने तीनों जिलों में निर्माणाधीन परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। 50 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के बारे में उन्होंने बताया कि 22 परियोजनाओं में तीन का काम पूरा हो गया। सीपरी अधोगामी सेतु पर रेलवे ऊपरिगामी सेतु झांसी शिवपुरी मार्ग जो नब्बे फीसदी कार्य पूरा हो गया। दिसम्बर से पहले यह पूरा करा लिया जाएगा। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने जनपद में कराए जा रहे कार्यों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। समीक्षा बैठक में मंडल के सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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विधायकों ने उठाई अपनी बात
ग्वालियर रेलवे क्रॉसिंग पर सेतु की मांग
झांसी नगर में अमृत योजना से पेयजल आपूर्ति योजना स्वीकृत है लेकिन योजना का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। लक्ष्मी तालाब के पुनरोद्धार में 54 करोड़ की धनराशि व्यय हुई परंतु कार्य नहीं हुआ। कार्यदायी संस्था नगर निगम के पास पैसा होने के बावजूद विद्युत शवदाह गृह दो वर्ष से अपूर्ण है। मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के अस्पताल के लिए धनराशि प्राप्त हो जाए तो कार्य पूर्ण हो जाएगा। झांसी ललितपुर रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण होने से ग्वालियर रेलवे क्रॉसिंग पर सेतु निर्माण में मदद की जरूरत है। - विधायक सदर रवि शर्मा

पेयजल समस्या से निपटने को दिए जाएं 334.12 लाख
मऊरानीपुर क्षेत्र में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए 334.21 लाख की योजना को जल्द मंजूर किया जाए। इससे 40 गांवों की जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। बंगरा में अनेकों गांव में सिंचाई व्यवस्था नहीं है। डैम निर्माण होने से यहां सिंचाई व्यवस्था हो जाएगी। टहरौली में राजकीय महाविद्यालय की मांग की जरूरत है। मऊरानीपुर को जिला बनाए जाने की भी जरूरत है।
मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्य

बबीना में नहर निर्माण से मात्र 15 गांव लाभान्वित होंगे। अभी 60-70 गांव ऐसे हैं जहां पानी की बेहद कमी है। बड़ागांव ब्लॉक में 25-30 गांव में भी पानी की समस्या है। सिल्ट सफाई का कार्य भी शुरू नहीं हुआ। इस वजह से सिंचाई में परेशानी होगी। पुनर्वास के पट्टे में समस्या आ रही। लगभग 40 वर्ष से यह प्रकरण चल रहा। इसके हल हो जाने से लोगों को भूमि मिल जाएगी। मेडिकल कॉलेज में अपूर्ण 500 बेड का अस्पताल पूर्ण करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाए।
बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा

गरौठा में 85 करोड़ की पेयजल योजना में अब तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ, मात्र पाइप लाइन डाली गई है। क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है जहां पानी की आवश्यकता होगी। वही, एरच बांध अपूर्ण है। क्षेत्र में आजादी के बाद कोई बांध नहीं बना। क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे हैं। धसान नदी पर स्पिंकलर सिंचाई योजना का परीक्षण होना है। यदि परीक्षण जल्द हो जाए तो परियोजना चालू हो सकती है।
गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत

बुंदेलखंड नहीं रहेगा प्यासा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हर खेत तक पानी पहुंचे एवं हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मुहैया हो। इसका प्रयास हो रहा है। उन्होंने एरच बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना की जांच जल्द पूरी करके काम बढ़ाने के निर्देश दिए। आंतिया तालाब तथा पानी वाली धर्मशाला के पुनर्जीवन का कार्य भी प्राथमिकता से कराने की बात कही। मुख्यमंत्री ने अमृत योजना, झांसी पेयजल पुनर्गठन योजना, घर-घर नल और रनगुंवा पेयजल परियोजना जैसी योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

जमीन पर नजर आना चाहिए स्मार्ट सिटी काम
स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा इससे जुड़े काम अब जमीन पर दिखने चाहिए। उन्होंने प्रमुख सचिव नगर विकास को निर्देश दिए कि इस योजना को तेज किये जाने की जरूरत है। इस संबंध में प्रदेश स्तर पर समीक्षा की जाए। स्मार्ट सिटी परियोजना को भविष्य के लिहाज से अति महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी के साथ-साथ नगर निगम को तत्परता से काम करने के निर्देश दिए।

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