झांसी (मोंठ)। शाहजहांपुर क्षेत्र के ग्राम पसइया में धान के खेत में फसल काट रहे तीन किसानों पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले में दो किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तेंदुए की तलाश की, लेकिन कहीं नहीं मिला। विभागीय अधिकारियों द्वारा इलाके में अलर्ट जारी करते हुए पिंजरा लगा दिया है।
ग्राम पसइया निवासी रमेश चंद दुबे का गांव के बाहर खेत है। खेत को गांव के ही महेंद्र व उसके बड़े भाई राजू ने बंटाई पर लिया हुआ है। खेत की कटाई कंबाइन से कराई जा रही थी। कुछ हिस्से में पानी होने के कारण कंबाइन से काम न करने पर शनिवार की सुबह लगभग आठ बजे रमेश के अलावा महेंद्र और राजू बचे हुए धान की कटाई करने के लिए पहुंचे। कटाई करते समय खेत में छिपे एक तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में महेंद्र (32) और रमेश (61) बुरी तरह से घायल हो गए। शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए। तब तक तेंदुआ भाग चुका था। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। घायलों की हालत खतरे के बाहर बताई जा रही है।
इस संबंध में प्रभागीय वन अधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही झांसी समेत सभी रेंजों के रेंजरों के साथ पूरे इलाके को सर्च किया गया है। पग चिह्नों की जांच की जा रही है। अभी तक तेंदुए की पुष्टि नहीं हो सकी है।
वन विभाग की टीम ने गांव में डाला डेरा
तेंदुए की सूचना पर प्रशासनिक अफसरों के साथ ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जिला प्रभागीय वनाधिकारी की अगुवाई में वन कर्मियों द्वारा पूरे इलाके में तेंदुए की तलाश की। काफी देर तक तलाश के बाद भी तेंदुए का कोई अता-पता नहीं लग सका। जिसके चलते वन कर्मियों की तैनाती के साथ ही गांव में पिंजरा लगा दिया गया है।
राजू ने किया तेंदुए का मुकाबला
तेंदुए ने सबसे पहले महेंद्र पर हमला किया था। उसके बाद उसने रमेश पर हमला बोला, लेकिन जैसे ही वह राजू पर हमला करने के लिए आया तो खेत की कटाई के इस्तेमाल किए जाने वाले हंसिये से राजू ने तेंदुए पर एक के बाद एक कर कई बार कर दिए जिससे तेंदुआ घायल होकर भाग खड़ा हुआ।