अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उन्होंने जगत के कल्याण के लिए सब कुछ त्याग दिया। समाज पर हावी होती पाश्चात्य संस्कृति को दूर करने के लिए आधुनिक चकाचौंध को छोड़कर आर्यिका दीक्षा ली और समाज को संस्कारित करना शुरू कर दिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर चल रही शृंखला में आज हम आपको त्याग मार्ग पर कदम बढ़ा चुकीं कुछ ऐसी ही महान विभूतियों के बारे में बता रहे हैं। इनमें एक साधिका तो ऐसी हैं जिन्होंने बीसीए करने के बाद त्याग मार्ग पर कदम बढ़ाए। वहीं एक घर की तीन बहनों ने देश और समाज की धार्मिक और सामाजिक उन्नति के लिए सब कुछ छोड़ दिया। ये साधिकाएं लोगों को धर्म और संस्कारों की सीख दे रही हैं। पढि़ए बसु जैन की यह रिपोर्ट...।
आर्यिका सार्थक श्री बच्चों को दे रहीं धर्म का ज्ञान
ललितपुर के बानपुर निवासी महेंद्र नायक की बेटी शिवा जैन ने 16 दिसंबर को कोलकाता में आर्यिका विशाश्री माताजी से दीक्षा ली। इसके बाद वह आर्यिका सार्थकश्री बन गईं। आर्यिका दीक्षा लेने के बाद वे जगह-जगह पद विहार करके बच्चों को धर्म का ज्ञान दे रहीं। साथ ही खुद भी संयम पथ पर बढ़ रही हैं। आर्यिका सार्थकश्री माताजी के गृहस्थावस्था के पिता महेंद्र नायक बताते हैं कि उनकी बेटी 11 साल से संयम की साधना कर रही हैं। आर्यिका दीक्षा के बाद उन्होंने घर छोड़ दिया। अब वे जगत के कल्याण के लिए काम कर रही हैं।
तीन बहनें करा रहीं संस्कारों का बोध
समाज के लोगों को संस्कारों का बोध कराने के लिए तीन बहनों ने एक साथ घर छोड़ दिया। आज वे देशभर में जगह-जगह जाकर लोगों को कल्याण का मार्ग बता रही हैं। इस दौरान वे लोगों को सादगी पूर्ण और कषाय रहित जीवन जीने की सलाह दे रही हैं। ललितपुर के बंट निवासी इंद्रा जैन, स्नेह जैन और सुमन जैन ने 1993 में त्याग मार्ग अपनाया और आचार्य विद्यासागर महाराज से आर्यिका दीक्षा लेकर जगत कल्याण का काम शुरू किया। आज वे क्रमश: आर्यिका नम्रमति, आर्यिका विनम्रमति और आर्यिका अतुलमति के नाम से धर्म की प्रभावना कर रही हैं।
आर्यिका प्रभाश्री कर रहीं धर्म प्रभावना
शहर के मोहल्ला गुदरी निवासी प्रभा जैन ने भी धर्म प्रभावना के लिए गृह त्याग करके आर्यिका दीक्षा ले ली। अब वे आर्यिका प्रभाश्री माताजी के रूप में साधना और त्याग के जरिए लोगों को साधना और सादगीपूर्ण जीवन जीने का संदेश दे रही हैं। बता दें कि प्रभा जैन के गृहस्थावस्था के पुत्र मुनि प्रज्ञान सागर महाराज और मुनि प्रसिद्ध सागर बनकर लोगों को धर्म की सीख दे रहे हैं।