फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2000 एलईडी लाइटों की खरीद की पत्रावली गायब, अटकी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। एलईडी लाइटों की खरीद को लेकर सहायक अभियंता के खिलाफ शासन ने जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन जांच शुरू होने से पहले ही अटक गई है। आलम यह है कि नगर निगम में लाइटों की खरीद की फाइल ही नहीं है। मार्ग प्रकाश विभाग के अधिकारी और बाबू फाइल की तलाश कर रहे हैं। इसके साथ ही तिरंगा लाइटों को लगाने की फाइल भी नगर निगम से गायब है। फाइल गायब होने से लाइटों की खरीद प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं पार्षदों ने जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन

दरअसल, नगर निगम ने कोरोना काल में दो हजार एलईडी लाइटों की खरीद की थी। इन लाइटों की खरीद को लेकर सवाल उठे थे कि लाइटों का भुगतान पहले ही कर दिया गया और लाइटों को महानगर में कहीं लगाया ही नहीं गया। मामले को लेकर पार्षदों ने सदर विधायक रवि शर्मा से मार्ग प्रकाश विभाग में कार्यरत रहे सहायक अभियंता के खिलाफ शिकायत की थी। जिसे लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से सहायक अभियंता के खिलाफ जांच के निर्देश कमिश्नर को दिए गए। अब जब जांच शुरू होने की तैयारी है, तो पता चला है कि दो हजार एलईडी लाइटों की खरीद की फाइल नगर निगम से गायब है।
फाइल गायब होने के साथ ही लाइटें कहां से आईं और कहां लगीं इसका भी कोई हिसाब नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही महानगर में लगाई गईं तिरंगा लाइटों की फाइल का भी कोई अता पता नहीं है। सूत्र बताते हैं कि एलईडी लाइट की फाइल निगम के एक अधिकारी के घर पर रखी है। पिछले दिनों नगर आयुक्त ने मार्ग प्रकाश विभाग में फेरबदल किया था, तब भी एलईडी और तिरंगा लाइटों की फाइल न होने की बात सामने आई थी। अब फाइल गायब होने से जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसे लेकर पार्षदों ने अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन

सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन नगर निगम में एलईडी लाइटों की खरीद की फाइल ही नहीं है। इससे साफ है कि अधिकारी जांच को प्रभावित करना चाह रहे हैं। निष्पक्ष जांच न हुई तो मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की जाएगी।
विज्ञापन

राजेश त्रिपाठी, उपसभापति
मुझे कोई भी फाइल प्राप्त नहीं हुई है। फाइल कहां है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मामले को दिखवाया जाएगा।
शरद नायक, प्रभारी मार्ग प्रकाश विभाग
फाइल नगर निगम में ही होगी। अगर नहीं है, तो मामले को दिखवाता हूं। जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें