झांसी। जिला स्तरीय समिति ने मंगलवार को अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ जांच की। गरौठा तहसील में अवैध खनन पर 1.97 करोड़ रुपये जुर्माना जमा न करने पर पट्टा निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा भंडारण आदि में अनियमितता मिलने पर तीन भंडारणकर्ताओं पर चार करोड़ से अधिक जुर्माना लगाया गया।
मोंठ तहसील के सुल्तानपुरा में मेसर्स अभिलाष गौर पर 74,60,840 और सिया में मेसर्स पीएस माइंस एलएलपी पर 3,69,45,800 रुपये का जुर्माना लगाया गया। गरौठा के डुडी में मेसर्स साक्षी इंटरप्राइजेज पर 28,51,820 रुपये का जुर्माना लगा। ये जुर्माने स्वीकृत मात्रा से अधिक भंडारण और अन्य अनियमितताओं के कारण लगाए गए हैं। डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौर के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई हुई। वहीं, टीम ने जांच में जनपद की गरौठा तहसील स्थित देवरी में बालू के पांच साल की अवधि के लिए राघवेंद्र सिंह के पक्ष में स्वीकृत खनन पट्टा को अवैध खनन की अधिरोपित राशि 1,97,80,000 जमा न किए जाने के कारण निरस्त किया गया।
इसके अलावा वन, राजस्व और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने सिया, बरखरी, मोंठ व टहरौली तहसील के पिपरा गांव में बालू/ मौरम के स्वीकृत भंडारण की जांच की गई। भंडारण क्षेत्र में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। टीम में स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्र के बाहर बालू/ मौरम का अवैध खनन पाया, जिस पर भी कार्रवाई की जा रही है। डीएम ने कहा कि बालू, मौरंग, गिट्टी जैसे खनिज आम आदमी से सीधे जुड़े हैं। इनकी कालाबाजारी करते हुए कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो और खनिजों के कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले कालाबाजारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। वहीं, उपखनिज के अवैध खनन/ परिवहन के विरुद्ध प्रवर्तन कार्य के तहत अगस्त से अब तक 284 छापे मारे गए और 96,87,570 रुपये का खनन राजस्व वसूल किया गया।