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Jhansi News: पिकनिक स्पॉट नहीं बन पाए लक्ष्मीताल और आतियाताल

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत लक्ष्मीताल और आतियाताल की खूबसूरती बढ़ाकर पिकनिक स्पॉट बनाने की योजना थी। मगर अब तक ये परवान नहीं चढ़ पाई है। यहां बोटिंग भी नहीं शुरू हो सकी है। खानपान के लिए भी कैफे और रेस्टोरेंट शुरू नहीं हो सका है।
महानगर के सबसे पुराने लक्ष्मीताल का स्मार्ट सिटी के तहत 39.32 करोड़ की लागत से विकास किया गया है। यहां गिरने वाले नालों को टैप किया गया। साथ ही 2.10 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल का निर्माण हुआ है। चारों ओर पाथवे, पार्किंग, खाने-पीने की दुकानें, ताल को देखने के लिए व्यू प्वांइट, पार्क के चारों ओर लैंड स्केपिंग, पानी के भीतर लाइटें लगाई गई हैं। ताल के बीच में रानी लक्ष्मीबाई की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है। ताल में आधुनिक बोट एवं बोटिंग प्लेटफॉर्म बनाया गया है। ताकि, लोग यहां बोटिंग का आनंद ले सकें।
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वहीं, 7.41 करोड़ से आतिया ताल में सुंदरीकरण का काम हुआ। यहां का पानी साफ कराया जा रहा है। फाउंटेन भी लगाए गए हैं। हालांकि, ये शाम को दो घंटे ही चलता है। इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार किया गया है। यहां बोटिंग प्लाजा भी बनकर तैयार हो चुका है। कैफे व रेस्टोरेंट भी बन गया है।


स्टॉल भी नहीं हो पाए शुरू
झांसी। आतियाताल को फास्ट फूड का केंद्र बनाने पर एक दर्जन से अधिक स्टॉल भी बनाए गए हैं। मगर कई महीने बीतने के बाद भी स्टाल शुरू नहीं हो पाए हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि दुकानें बनाने का काम जारी है।



ये बोले लोग
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आतिया ताल और लक्ष्मीताल को स्मार्ट सिटी योजना के तहत संवार तो दिया गया, मगर अब तक इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया है। अगर दोनों ताल में बोटिंग शुरू होगी तो निश्चित ही लोग इसका लुत्फ उठाने जाएंगे। - हिमांशु साहू।


आतियाताल के विकास पर तो बहुत पैसे खर्च हो गए। मगर यह पिकनिक स्पॉट नहीं बन पाया है। रात में दो घंटे ही फाउंटेन चलता है। ताल का पानी भी गंदा है। यहां पर फास्ट फूड के स्टॉल भी शुरू नहीं हो सके हैं। - अरुण अग्रवाल।
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वर्जन..
एनजीटी में एक केस चल रहा है। इस कारण लक्ष्मीताल पर बोटिंग का टेंडर नहीं निकाला जा सका है। आतियाताल का टेंडर कराकर वर्कऑर्डर जारी किया जा चुका है। फर्म को बोटिंग शुरू करने की अनुमति दे रखी है। वह चाहे तो शुरू कर सकता है। म्यूजिकल फाउंटेन शाम को दो घंटे चलता है। - मो. कमर, अपर नगर आयुक्त।
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