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Jhansi News: भ्रामक संदेश के चलते वकील की छूटी थी ट्रेन, किराया देना होगा वापस

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। भ्रामक सूचना के कारण अधिवक्ता की ट्रेन छूटने के एक साल पहले के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने माना कि रेलवे की सहयोगी कंपनी इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सिस्टम (आईआरएमएस) की ओर से भेजा गया गलत संदेश सेवा में कमी की श्रेणी में आता है, जिसके चलते यात्री को नुकसान उठाना पड़ा। आयोग ने आदेश दिया कि वह यात्री को ब्याज सहित किराये की राशि वापस करे। साथ ही मानसिक कष्ट व वाद व्यय की राशि भी अदा करे।
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सीपरी बाजार निवासी अधिवक्ता विजय खन्ना ने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में पिछले साल नवंबर में वाद दायर किया था जिसमें उल्लेख किया था कि वह झांसी से सहारनपुर गए थे। वापसी में उन्होंने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18238) के एसी कोच में टिकट बुक कराया। इसके लिए उन्होंने 2118 रुपये की राशि अदा की। उन्हें ट्रेन के आगमन के बारे में संदेश प्राप्त हुआ था कि वह तय वक्त से 1:45 मिनट की देरी से आ रही है। आईआरएसएस के संदेश के अनुसार सहारनपुर स्टेशन पर गाड़ी को उस रात दो बजे पहुंचनी थी लेकिन वह वक्त से पहले यानी 1:10 बजे स्टेशन से झांसी के लिए रवाना हो गई। अधिवक्ता संदेश के अनुसार रात 1:15 बजे स्टेशन पर पहुंचे। लिहाजा वह ट्रेन नहीं पकड़ सके। उस रात इसके अलावा और कोई सीधी ट्रेन झांसी के लिए नहीं थी इसलिए वह अगले दिन न्यायालय में नहीं पहुंच सके। कई मामलों की सुनवाई में गैर हाजिर रहे। इससे मामलों पर विपरीत असर पड़ा। इससे उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि उन्हें मानसिक कष्ट झेलना पड़ा्। इस मामले में अधिवक्ता विजय खन्ना ने वाद दायर कर किराया मय ब्याज के वापस कराने व मानसिक कष्ट के रूप में एक लाख रुपये व वाद व्यय के रूप में 30 हजार रुपये दिलाने की मांग की थी। आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह व सदस्य देवेश अग्निहोत्री व ज्योति प्रभा जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईआरएमएस को किराये की राशि मय साधारण ब्याज देने, मानसिक कष्ट के रूप में तीन हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये देने का आदेश दिया।
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