झांसी। छह और सात अगस्त को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के मद्देनजर भाजपा नेताओं ने शहर के ज्यादातर मुख्य मार्गों पर होर्डिंगें तान दी हैं। इसके लिए न तो नगर निगम की अनुमति ली और न ही मानक और नियमों का ध्यान रखा। सड़क और फुटपाथों पर लगी बेतरतीब होर्डिंगस बड़ा खतरा बन सकती है। लेकिन, न तो नगर निगम को चिंता है और न ही नेताओं को।
भाजपा कार्यसमिति की बैठक उन्नाव बालाजी रोड पर स्थित भानी देवी गोयल सरस्वती विद्या मंदिर में प्रस्तावित है। इसके कई दिन पहले ही होर्डिंगों के जरिए नेतागीरी चमकाने की होड़ मच गई ताकि बड़े नेताओं की नजर में आया जा सके। भाजपाइयों से इतना भी नहीं हुआ कि नगर निगम से अनुमति का इंतजार कर लेते और कानून का पालन कर लेते। जहां चाहा, जैसे चाहा होर्डिंगें तान दीं। सड़क, फुटपाथ और डिवाइडर और बिजली के खंभे, कुछ भी नहीं छोड़ा।
कार्यक्रम स्थल से लेकर ग्वालियर रोड मार्ग, ग्वालियर रोड क्रासिंग से बीकेडी चौराहा, जीवनशाह चौराहा, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा से बस स्टैंड और बस स्टैंड से लेकर मेडिकल कॉलेज के आखिरी छोर तक भाजपा नेताओं की होर्डिंगें नजर आ रही हैं। इसमें सदर विधायक रवि शर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, महामंत्री अमित साहू, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री चंद्रप्रकाश मिश्रा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजीव सिंह पारीछा, जेके सिंह और महानगर उपाध्यक्ष मुकेश मिश्रा की होर्डिंग प्रमुख रूप से नजर आ रही है।
डिवाइडर के बीच लगी बड़ी होर्डिंगों ने राहगीर वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशान कर रखा है। एक तरफ से दूसरी तरफ सड़क देखते समय वाहन चालक भ्रमित हो रहे हैं। डिवाइडर के मोड़ नजर नहीं आ रहे हैं।
अवैध हैं ये होर्डिंगें
‘शहर में जो भी होर्डिंग, कियोस्क अथवा ग्लोसाइन बोर्ड लगे हैं, वे सभी अवैध हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली है। विज्ञापन एजेंसी को ठेका दिया गया है, लेकिन उसने अपना काम शुरू नहीं किया है। नगर आयुक्त को लिखा गया है कि वह विज्ञापन एजेंसी पर कोई निर्णय लें, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।’
- डा. पुष्पराज गौतम, होर्डिंग प्रभारी
ये तो नेताओं का उत्साह है
‘होर्डिंग लगाने की परमीशन के लिए प्रार्थना पत्र नगर निगम को दे दिया गया है। यह तो पार्टी नेताओं का उत्साह है, जो पूरे शहर में दिख रहा है। नियमों की कहीं भी अनदेखी नहीं की जा रही है। यह आने वाले समय में सत्ता परिवर्तन का संकेत है।’
प्रदीप सरावगी, महानगर अध्यक्ष भाजपा
ये तो नगर निगम की जिम्मेदारी
-गलत तरीके से लगाई गई होर्डिंगों को हटवाना नगर निगम की जिम्मेदारी है। यदि कहीं ट्रैफिक में व्यवधान होगा तो रूट डाईवर्ट करवाया जाएगा।
कल्याण सिंह (सीओ ट्रैफिक)
ये हैं मानक और नियम
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-सड़क की चौड़ाई के हिसाब से तय होता है होर्डिंग का आकार
-सड़क, फुटपाथ और डिवाइडर पर कब्जा करके नहीं लगा सकते
-नगर निगम या संबंधित विभाग की अनुमति लेना जरूरी है
-होर्डिंग इस तरह से लगाएं कि यातायात प्रभावित नहीं हो
-मोड़ पर होर्डिंग इस तरह न लगाएं कि दूसरी तरफ का ट्रैफिक न दिखे
-इस तरह मजबूती से लगाएं कि आंधी में उखड़ कर न गिरे
-छत पर होर्डिंग लगाने से पहले भवन की मजबूती का परीक्षण करें
-होर्डिंग पर ऐसा कोई चित्र या भाषा न हो जिससे राहगीरों का ध्यान भंग हो
हो सकती है एफआईआर
नगर निगम के अतिक्रमण/ होर्डिंग प्रभारी डा. पुष्पराज गौतम ने बताया कि नियम है कि डिवाइडर पर बिजली के खंभों पर कोई भी प्रचार सामग्री नहीं लगा सकते। चिह्नित स्थलों पर ही होर्डिंग लगाई जानी चाहिए। नियम और मानकों के उल्लंघन पर एफआईआर हो सकती है।