बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में पुस्तक मेले के सातवें दिन सुबह से ही पुस्तक प्रेमियों का जमावड़ा बना रहा। साहित्य के साथ ही विज्ञान इतिहास, राजनीति, धार्मिक, बुंदेली, प्रतियोगिता की पुस्तकों की बिक्री हुई। समापन होने के चलते बुधवार को लोगों के पास पुस्तक मेले में खरीददारी करने का अंतिम मौका है।
इस बार मेले में नरेंद्र कोहली, जयशंकर प्रसाद, मैथिलीशरण गुप्त, हरिशंकर परसाई, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, सुभद्रा कुमारी चौहान, महादेवी वर्मा, दिनकर नीरज, अज्ञेय, चेतन भगत आदि की कृतियां व पुस्तकें पाठकों को भा रही हैं। दोपहर में लेखक से मिलिए कार्यक्रम में देश के बड़े कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह और प्रसिद्ध समालोचक एवं नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. ओमप्रकाश सिंह, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कन्हैया सिंह मौजूद रहे। झीनी-झीनी बीनी चदरिया जैसे विख्यात उपन्यास के लेखक व कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपनी कहानी रफ-रफ मेल का वाचन किया। यह कहानी एक खटारा बस के अति साधारण ड्राइवर बद्दू उर्फ बदरुद्दीन की कहानी है। कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहानी की समीक्षा करते हुए कहा कि यह कहानी लियो टॉलस्टाय की कहानियों की भांति विवरणों से भरपूर है। श्रेष्ठ कथाकार वही होता है, जो कहानी लिखने से पहले ब्योरों पर अनुसंधान करता है। प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि उनकी कथा में कुछ ऐसे सूत्र होते हैं, जिनसे उनके व्यक्तित्व के कई पहलू उद्घाटित होेने लगते हैं। वे हमारे समय के अहम हस्ताक्षर हैं, जिनकी कलम से निकलकर समाज के निम्न वर्ग के पात्र फलक पर आकर हमें विस्मित कर देते हैं।
वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम में एकल नृत्य प्रतियोगिता में जिसमें बीबीसी, उरई के लक्ष्मीचरण हुबलाल कॉलेज, डीवी कॉलेज, आर्यकन्या कॉलेज, जालौन के कैलाशी देवी डिग्री कॉलेज और बीयू कैंपस के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मुन्ना तिवारी, डॉ. पुनीत बिसारिया, प्रकाशन संस्थान, नई दिल्ली के स्वत्वाधिकारी हरीशचंद्र वर्मा, प्रो. एमएम सिंह, डॉ. सीपी पैन्युली, डॉ. प्रशांत मिश्रा मौजूद रहे।