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अली का लश्कर या हुसैन’ की सदाएं गूंजी

Wed, 12 Oct 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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mohram news jhansi - फोटो : demo pic
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‘अली का लश्कर या हुसैन’ के नारे लगाते हुए मुस्लिम धर्मावलंबियों ने बुधवार को ताजियों ओर बुर्राक का जुलूस निकाला। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन व हसन सहित 72 शहीदों की याद मेें मोहर्रम की 10 वीं तारीख पर बुर्राक, ताजिये व अन्य इमारतें जुलूस के रूप में निकाले गए। ताजिया लक्ष्मी तालाब स्थित करबला में ठंडे किए गए।
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सजे धजे ताजिये व बुर्राकों की बुधवार की सुबह गंधीगर के टपरा पर मिसिलबंदी हुई, जिसमें मुकेरी, बिसाती समाज, जुम्मन इमामी हमीद, मुल्लू रहीम, आजाद, अब्दुल लतीफ, हबीब खान, महबूब धार वालों की बुर्राक शामिल हुई, जो आकर्षण का केंद्र रही। जुलूस में प्रेम नारायण व वली मोहम्मद की मस्जिदों के अलावा करीम बक्श, वजीर चौधरी, भिश्ती समाज, रमजानी का ताजिया भी प्रमुख रहे। जुलूस में झांसी, ग्वालियर व समथर के बैंड दुनिया हुसैन की है जमाना हुसैन का आदि बजा रहे थे।
जुलूस में शामिल बुर्राक व ताजियां सर्राफा बाजार, मानिक चौक से होते हुए रानी महल पर पहुंचा। यहां से वह वापस अपने-अपने इमाम बाड़ों पर पहुंचे। रात में एक बार फिर बुर्राक व ताजिये गंधीगर के टपरा पर एकत्र हुए, जो बजाजा बाजार, मालिनों का चौराहा, बड़ा बाजार से होते हुए मुरली मनोहर मंदिर चौराहा पर पहुंचे। यहां मुकाबले के बाद बुर्राक अपने-अपने इमाम बाड़ों के लिए वापस हो गए। वहीं, ताजिये लक्ष्मी तालाब स्थित करबला में ठंडे किए गए। गंधीगर के टपरा पर मिसिलबंदी ताजिया कमेटी के जिलाध्यक्ष याकूब अहमद मंसूरी, नूर अहमद मंसूरी, मंसूर अहमद मंसूरी, फईम मिकरानी, हाजी महमूद खलीफा आदि ने कराई।
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प्रेमनगर में निकले जुलूस में अखाड़ों व ढोल के साथ हसीन का ताजिया, अब्दुल सत्तार का ताजिया, रहमान का ताजिया, करीमन का ताजिया आदि शामिल रहे। प्रेमनगर थाने से मिसिलबंदी ताजिया बुर्राक अखाड़ा कमेटी प्रेमनगर के अध्यक्ष जहीर कुरैशी, अमजद अली, हसीम खान, सरफराज, अजहर कुरैशी आदि ने कराया। पुलिया नंबर नौ में ताजियों व बुर्राक का जुलूस निकाला गया। मिसिलबंदी ताजिया कमेटी पुलिया नंबर नौ के अध्यक्ष नियाजउद्दीन ने कराई।
इधर, मोहर्रम की 9 वी तारीख पर सीपरी बाजार में ताजिया व बुर्राक निकाले गए, जो टंडन रोड से होते हुए सीपरी बाजार तांगा स्टैंड पर एकत्र हुए। यहां ताजिया कमेटी सीपरी बाजार के अध्यक्ष चौधरी मुहम्मद माबूद ने ताजियों व अखाड़ों की मिसिलबंदी कराई। जुलूस रस बहार चौराहा, चौकी, चमन गंज से होते हुए अपने-अपने इमामबाड़ों की ओर चले गए। इस अवसर पर नसीर मकरानी, नाजिम उद्दीन, शफी राईन आदि मौजूद रहे।
वहीं, जिला अमन कमेटी के तत्वावधान में मिनर्वा चौराहा पर शरबत और लंगर वितरण हुआ। सदस्यों ने आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने और देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अध्यक्ष रहीस खान, असफान सिद्दीकी, निजाम खान, टिंकल राय आदि मौजूद रहे। शहर कांग्रेस कार्यालय पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, अरविंद वशिष्ठ, शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, अनिल बट्टा आदि ने पेयजल व पुलाव बिरयानी का वितरण कराया।
बहुजन समाज पार्टी के सीताराम कुशवाहा, जिला प्रभारी राम बाबू चिरगईया, रमेश चंद्र सरसैया, संतोष कुशवाहा आदि ने तुलसा विवाह घर के समीप ताजियादारों पर पुष्प वर्षा की और पेयजल वितरण किया।

अखाड़ों ने किया रोमांचक प्रदर्शन
शहर में निकले जुलूस में साथ चल रहे विभिन्न अखाड़ों के युवा सदस्यों ने मानिक चौक, सर्राफा बाजार, गंधीगर के टपरा पर तलवार व लाठी चलाने की कला का रोमांचक प्रदर्शन रहा। प्रेमनगर में शफीक खलीफा, शराफत खलीफा ने भाला, तलवार चलाकर शानदार प्रदर्शन किया। सीपरी में बाबू खां उस्ताद, नूर खां उस्ताद के अखाड़ों के सदस्यों ने पटा, बनेटी, बाना का प्रदर्शन किया।

पुराने व कमजोर छज्जे से लोगों को हटाया
दशहरा पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा दौरान कोतवाली की बाउंड्री के पास लगी पानी की टंकी के गिरने से 12 लोग घायल हो गए थे। इस हादसे से सबक लेते हुए कांग्रेसियों ने बुधवार को शहर कांग्रेस कार्यालय के  छज्जे पर खडे़ होकर ताजिया देख रहे लोगों को छज्जे के  पुराने व कमजोर होने का हवाला देते हुए हटाया, ताकि किसी भी प्रकार का हादसा न हो सके। इसके बाद मुख्य गेट पर ताला भी लगा दिया गया।

बड़ागांव में भी निकला जुलूस
बड़ागांव (झांसी)। कस्बे के ताजियादारों ने सुबह 6 बजे से ताजियों एवं बुर्राक का जुलूस निकाला। ताजियादार मुराद अली साह व असगर अली का ताजिया तथा इस्माइल खान की बुर्राक मातमी धुन पर निकली। रात में ताजियों को बेतवा नदी के बराटा घाट पर ठंडा किया गया।

या हुसैन के नारों से गूंजा बबीना
बबीना (झांसी)। हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की याद में कस्बा में ताजियों के जुलूस निकाले गए। तीन अखाड़ों में हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किए गए। पुराने थाने पर बजीर अखाड़ा, शेरे अखाड़ा एवं पंचायती अखाडे़ में तलवार, कटार, चखरी, लाठी डंडे, भाले आदि हथियारों से बेहतरीन करतब दिखाए गए। युवाओं ने तलवार बिछाकर सीने पर बाइक चढ़ाने, सिर से बर्फ की सिल्ली तोड़ने आदि का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
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