झांसी। पुलिस कर्मियों के आवासों की समस्या का निदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार पांच हजार आवास बनाने जा रही है। इसके तहत झांसी में 160 आवास बनाने के लिए जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अधिकारियों ने आवास निर्माण शीघ्र शुरू होने की संभावना जताई है।
प्रदेश में पुलिस फोर्स तो लगातार बढ़ रही है, मगर आवासों की संख्या पहले जितनी ही है। जिसके चलते आवासों की समस्या बढ़ गई है। हालत यह है कि स्थानांतरण के बाद भी पुलिस कर्मी आवास खाली नहीं कर रहे हैं, क्योंकि दूसरे जिलों में उनको आवास नहीं मिलता है। इस समस्या के निदान की दिशा में प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस हेड क्वार्टर इलाहाबाद पांच हजार आवास बनवाएगा। प्रथम चरण में प्रदेश के 25 जिलों में पांच हजार आवास बनाने का फैसला लिया गया है, जिसके तहत झांसी में 160 आवास बनाए जाने हैं। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि हेडक्वार्टर के आदेश पर शहर के अंदर पांच स्थानों पर पुलिस विभाग की भूमि चिह्नित करके आवास बनाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिसमें श्रेणी एक के 70, बी श्रेणी के 60 और सी श्रेणी के 30 आवास बनाए जाने हैं। अगस्त से इनके बनने की संभावना है। इन आवासों का निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था हडको को नामित किया गया है।
कहां-कहां बनेंगे आवास
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- इलाइट से जेल चौराहा रोड पर टाइप-टू आवास के पास 1500 वर्ग मी. भूमि पर।
- इलाइट से जेल रोड पर टाइप द्वितीय व तृतीय के मध्य 1250 वर्ग मी. भूमि पर।
- पुलिस लाइन फील्ड यूनिट कार्यालय के पीछे 1200 वर्ग मी. भूमि पर।
- पुलिस लाइन परिसर टाइप तृतीय कालोनी के पीछे 2400 वर्ग मीटर भूमि पर।
- सीपरी बाजार थाना कार्यालय व आवासीय कालोनी के मध्य 4800 वर्ग मी. भूमि पर।
इंसेट
चार सीओ के आवासों का भी प्रस्ताव भेजा
पुलिस सर्किल आफीसर (सीओ) के आवासों की भी जिले में समस्या का निदान होने जा रहा है। जिनका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है, जिसका धन आवंटित होने का इंतजार किया जा रहा है। बताते हैं कि ट्रैफिक कार्यालय के पास खाली पड़े मैदान में सीओ सिटी, सीओ क्राइम, सीओ सदर व सीओ टहरौली के आवास बनाए जाएंगे।
कोट-
झांसी में पुलिस कर्मियों के 160 आवासों के निर्माण के लिए पांच जगह भूमि चिह्नित कर ली गई है, जिससे पीएचक्यू को अवगत करा दिया गया है। हडको संस्था की मदद से जल्द ही इनका निर्माण शुरू हो सकता है। इनके बनने से पुलिस कर्मियों के आवासों की समस्या का निदान होगा।
- अजय मोहन शर्मा, डीआईजी, झांसी रेंज