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झांसी में भूमाफिया ने काट दिया तीन हेक्टेयर का टीला, प्रशासन से शिकायत

Sat, 12 Sep 2020 02:08 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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दुल्हा सैयद बाबा की पहाड़ी को तोड़ती जेसीबी... - फोटो : अमर उजाला
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महानगर के दतिया गेट फिल्टर के पास पीतांबरा कॉलोनी के सामने भूमाफियाओं द्वारा तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले टीले को काटकर जमींदोज किया जा रहा है। टीले को समतल कर जमीन को ऊंचे दामों में भी बेचा जा रहा है।

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पहाड़ को काटने के काम को सालों से अंजाम दिया जा रहा है। लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। बृहस्पतिवार को गुलाम गौस खां यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है।

शहर के आसपास के अधिकतर पहाड़ों को काटकर समतल कर दिया गया है। दतिया गेट फिल्टर के पास दूल्हा सैय्यद मजार वाले टीले को धड़ल्ले से काटकर समतल किया जा रहा है। माफियाओं द्वारा समतल कर बाउंड्रीवाल का भी निर्माण कराया है। जबकि, यह टीला राजस्व विभाग में आराजी नंबर 926 व गाटा संख्या 507 बंजर जमीन के रूप में दर्ज है।
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इस टीले की निगरानी नगर निगम के हवाले है। टीले को जेसीबी मशीनों के माध्यम से काटकर समतल किया जा रहा है। कई बार शिकायतों के बाद भी प्रशासनिक अफसरों के कान पर जू तक नहीं रेंगी है। जिसके चलते भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

इस बारे में जानकारी नहीं है। पहाड़ को काटना गलत है। खुद जाकर जांच करेंगे। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-अवनीश राय, नगर आयुक्त

भूमाफियाओं ने शहर के आस पास के अधिकतर पहाडों को काट कर समतल कर दिया है। अब वहां पर पॉश कॉलोनियों को विकसित किया जा चुका है। कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
-दीपेंद्र प्रजापति

पीतांबरा कॉलोनी के सामने वाले टीले पर दूल्हा सैय्यद बाबा की मजार है। भूमाफियाओं द्वारा पहाड़ को काटने काम सालों से किया जा रहा है। कई बार शिकायत की गई है। लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नही लाई गई है।
-इरशाद खान

पहाड़ियां शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं। प्रशानिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण शहर के अधिकांश पहाड़ों को काट कर जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। रोकथाम कर कार्रवाई आवश्यक हैं।
-शंकर पटैरिया

पहाड़ों को समतल कर शहर का स्वरूप बदल दिया गया है। किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण पहाड़ों को काटने का काला कारोबार जोरों पर है। प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
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-आनंद दुबे

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