गरियागांव में खेल मैदान के लिए प्रस्तावित भूमि कहीं होने और प्रस्ताव कहीं का बना देने के मामले में आउटसोर्स पर तैनात लेखपाल पर गाज गिर गई है। नगर निगम प्रशासन ने संपत्ति विभाग में तैनात लेखपाल को हटा दिया है।
गरियागांव में खेल मैदान के लिए प्रस्तावित भूमि कहीं होने और प्रस्ताव कहीं का बना देने के मामले में आउटसोर्स पर तैनात लेखपाल पर गाज गिर गई है। नगर निगम प्रशासन ने संपत्ति विभाग में तैनात लेखपाल को हटा दिया है। यह मामला सोमवार को हुई सदन की बैठक में भी उठा था।
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पार्षद की आपत्ति पर कराई गई जांच
खेल मैदान के लिए जमीन दिखाने के लिए शनिवार को महापौर बिहारी लाल आर्य के साथ नगर निगम की टीम गरियागांव पहुंची थी। मेयर को जानकारी दी गई कि गोशाला के सामने स्थित जमीन पर खेल मैदान बनना है। स्थानीय पार्षद हरिओम मिश्रा ने आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि उक्त रकबा संख्या की भूमि यहां से दो सौ मीटर आगे है। टीम के साथ उनकी बहस भी हुई। जब टीम के सदस्य मानने को तैयार नहीं हुए तो पार्षद बोल पड़े कि उनकी बात गलत निकली तो पद से इस्तीफा दे देंगे। मेयर ने कहा कि पार्षद इतने दावे से कह रहे हैं तो सही से जांच की जाए।
नगर निगम प्रशासन ने की कार्रवाई
फिर नक्शा आदि देखने के बाद पार्षद की बात सही निकली। मेयर ने टीम से नाराजगी जताई। इसके अलावा बिजौली के निरीक्षण में भी खेल मैदान के लिए प्रस्तावित की गई 0.57 हेक्टेयर भूमि तक जाने का भी रास्ता नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान मौजूद अपर नगर आयुक्त राहुल यादव ने भी नाराजगी जताई। मामले की गाज आउटसोर्स पर तैनात लेखपाल आदित्य तिवारी पर गिर गई। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा का कहना है कि लेखपाल को हटा दिया गया है।