डोंगराखुर्द। गौना वन रेंज में स्थित विंध्याचल पर्वत की शृंखला के बीच कनकद्दर जलप्रपात की कलकल, छलछल की आवाज पर्यटकों को लुभा रही है। करीब 70 फीट ऊंचाई से गिर रहे झरने को देखने के लिए आसपास के साथ अब दूरदराज के सैलानी आने लगे हैं।
जनपद के डोंगराखुर्द गांव से महज पांच किलोमीटर का जंगल का कंकरीला पथरीला रास्ता नापने के बाद यहां पहुंचा जा सकता है। इसका दूसरा रास्ता एमपी के मालथौन से होकर आठ किलोमीटर अमारी गांव से जाता है। कनकद्दर के जलप्रपात तक पहुंचने के लिए दोनों ही रास्ते बरसात में बड़े ही दुर्गम हैं। लेकिन प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग आसपास के गांव और शहरों से पहुंच रहे हैं। इसका बहता पानी सजनाम बांध की गोद में गिरकर यहां की वसुंधरा को हरा-भरा करता है। कनकद्दर जलप्रपात तक सैलानी जंगल से होकर पैदल गुजरते हैं। यहां का हरा-भरा जंगल प्राकृतिक सौंदर्य मनोहारी विंध्याचल की पहाड़ियों के मनोहारी सुंदर नजारा लोगों की थकान मिटाकर स्फूर्ति भर देता है। पर्यटन के रूप में भी इस स्थल को विकसित किया जा सकता है। ताकि यहां तक पहुंचना आसान हो जाएगा। संवाद
दूधिया आभा बिखेरता कनकद्दर जलप्रपात
जब विंध्याचल की पहाड़ियों से पानी लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो पानी की तेज धार पत्थरों की विभिन्न परतों से टकराकर सफेद झाग में बदल जाती है। ऊपर से गिरता यह पानी पूरी तरह से दूधिया प्रतीत होता है, मानो पहाड़ों से दूध की कोई अविरल धारा बह रही हो।
रवि कुशवाहा (कवि)
न सुरक्षा और न ठहरने के इंतजाम।
बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार के ठहरने, बिजली, पानी की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कारण पर्यटक उसी दिन लौट जाते हैं। सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं, जैसे जाली, रेलिंग-सीढ़ियां न होने से जरा सी चूक होने पर सीधे जान गंवानी पड़ती है। दो साल में दो युवकों की यहां डूबने से मौत हो चुकी। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
दुर्गप्रताप सिंह
सैलानियों को लुभा रही कनकद्दर की सुंदरता
गौना वन क्षेत्र अंतर्गत यूपी-एमपी सीमा के पास जंगल में स्थित जलप्रपात कनकद्दर इस समय सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लोग यहां आकर पानी में नहा रहे हैं, सेल्फी ले रहे हैं। लेकिन क्षेत्र में जोरदार बारिश होने के कारण जलप्रपात से पानी ज्यादा गिरता है, जो लोगों लुभा रहा है। उधर इस खूबसूरत स्थान तक पहुंचने के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा।
अरविंद्र पटेरिया।
कनकद्दर जलप्रपात का अभी पर्यटन विभाग की ओर कोई प्रस्ताव गया नहीं है। अगर आगे कोई प्रस्ताव आएगा, तब इसे देखकर पर्यटन सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।
हेमलता, जिला पर्यटन अधिकारी ललितपुर