संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कानपुर और ललितपुर हाइवे पर कब कहां गड्ढा मिल जाए, कहा नहीं जा सकता। एनएचएआई प्रतिदिन लाखों रुपये टोल टैक्स लेने के बाद भी वाहन चालकों को सुविधाएं तो दूर, सुरक्षित सफर तक मुहैया नहीं कर पा रहा है। सुधार के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन सुधार के नाम पर लीपापोती की जा रही है।
हाइवे पर रोड लाइट्स, रिफलेक्टर का न होना, अवैध कट और दुर्घटना होने पर एंबुलेंस का न पहुंचना परेशानी का सबब है। वाहन चालकों का कहना है कि हाईवे पर टोल ज्यादा लग रहा है, लेकिन सुविधाएं बदहाल हो चुकी हैं।
अवैध कट बढ़ा रहे परेशानी
- अपनी सुविधा के लिए लोगों ने कट तो बना लिए, लेकिन यह कट हाइवे पर कितने खतरनाक हो सकते हैं, शायद उन्हें पता नहीं। अधिकतर हाइवे पर हादसों की वजह यही कट बनते हैं।
करीब 15 से 20 लाख रुपये प्रतिदिन का कलेक्शन
- ललितपुर स्थित विघा, बबीना, एट, सेमरी आटा आदि टोल प्लाजा का एक दिन का टोल टैक्स कलेक्शन करीब 15 से 20 लाख रुपये के करीब है लेकिन सुविधा की बात करें तो हाइवे बदहाल स्थिति में है। कंपनियों की ओर से टैक्स में कोई रियायत नहीं दी जाती।
हाइवे पर मवेशियों का जमावड़ा हादसे की वजह
- हाइवे पर मवेशी झुंड के रूप में दिन हो या रात मौजूद रहते हैं। ऐसे में वाहनों को निकलने में दिक्कतें होती हैं। टोल कंपनियां इस पर कोई ध्यान नहीं देती है।
- ललितपुर हाइवे की तरफ गड्ढ़े भरे जा रहे हैं। कानपुर की तरफ एजेंसी का चयन कर लिया गया है। जल्द ही यहां भी गड़ढ़े भरकर सुधार कराया जाएगा। हाइवे पर वाहन चालकों को सुविधाएं देने का कार्य चल रहा है। - तनवीर सहरावत, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण