अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिला कारागार में होली की तैयारी आरंभ हो गई है। कैदी इन दिनों फूल एवं सब्जियों की मदद से हर्बल गुलाल तैयार कर रहे हैं। यह गुलाल आम लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। कारागार के भीतर भी इसी गुलाल से रंगारंग होली खेली जाएगी।
परिवार से दूर वर्षों से कारागार की ऊंची दीवारों के पीछे दिन काट रहे बंदी जेल के भीतर होली की तैयारी में जुटे हैं। जेल प्रशासन उनकी मदद कर रहा है। हिंदुओं के साथ मुस्लिम समाज के बंदी भी गुलाल बनाने में मदद कर रहे हैं। जेल अफसरों के मुताबिक, प्राकृतिक रंग के साथ चुकंदर, पालक, गुलाब की पंखुडी, गुलाब जल समेत अन्य फूलों की मदद से हर्बल गुलाल तैयार हो रहा है। पीले रंग के लिए हल्दी, लाल गुलाल के लिए चुकंदर एवं हरे रंग के लिए पालक का प्रयोग किया गया। केमिकल का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। यह पूरी तरह ईको फ्रेंडली है। इसका ख्याल रखा गया कि इससे त्वचा को नुकसान न पहुंचे। बंदियों के परिजनों को भी यह गुलाल मिलेगा।
कारागार में पूरी तरह से हर्बल गुलाल बंदी बना रहे हैं। इसमें रसायनिक वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। - विनोद कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक