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Jhansi News: निवेश का झांसा देकर महिला साइबर जालसाज ने ठगे 16.87 लाख

Wed, 15 Jul 2026 02:13 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। बड़ागांव के टाकौरी गांव निवासी अरुण सिंह सेंगर से महिला जालसाज ने निवेश का झांसा देकर 16.87 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने नवाबाद थाने में प्रिया शर्मा नामक जालसाज महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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अरुण ने पुलिस को बताया कि मई माह में उसके पास प्रिया शर्मा नामक युवती का फोन आया। उसने दो मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप पर उससे संपर्क किया। वह नियमित फोन करने लगी। कुछ समय में उसने निवेश करने पर मोटा मुनाफा कराने की बात कही। उसकी बातों में आकर अरुण ने उसके बताए एक एप को डाउनलोड कर लिया। प्रिया ने पैसा लगाने पर अधिक लाभ दिलाने का दावा किया। उसके बताए लिंक के मुताबिक एप डाउनलोड कर अरुण ने निवेश करना शुरू किया। उसने पुलिस को बताया कि शुरुआत में कुछ फायदा होने के साथ ही राशि वापस की गई। इससे उसका भरोसा बढ़ गया। आरोप है मई माह में उसने एचडीएफसी बैंक खाते से एकमुश्त 16,87,350 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ महीने बाद जब उसने निवेश की रकम के साथ लाभ वापस मांगा तक प्रिया आनाकानी करने लगी। रिफंड के नाम पर उसने अतिरिक्त रुपये जमा कराने को कहा। अरुण उसके लिए राजी नहीं हुए। कुछ समय बाद अरुण का एप लॉग आउट हो गया। प्रिया का मोबाइल नंबर भी बंद हो गया। तब जाकर उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ। साइबर थाना प्रभारी अरविंद कुमार के मुताबिक तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच कराई जा रही है।

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यू-ट्यूब पर विज्ञापन देखकर निवेश करने पर गवां बैठे 8.82 लाख

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। नवाबाद के ग्रीन होम निवासी राकेश कुमार वर्मा को निवेश का लालच देकर साइबर ठगों ने 8.82 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने यूट्यूब पर एक विज्ञापन देखने के बाद एप के माध्यम से पैसों का निवेश किया था। ठगी का अहसास होने के बाद उन्होंने साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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राकेश वर्मा ने पुलिस को बताया कि पिछले साल जुलाई महीने में उनको यूट्यूब पर बॉब कैपिटल ऑनलाइन एप का विज्ञापन दिखा। इसमें आसानी से पैसा निवेश करने की सुविधा के साथ ही निश्चित धन वापसी की गारंटी की बात कही गई थी। इसकी बातों में आकर उन्होंने 30 जुलाई से 21 अगस्त के बीच कई किस्तों में कुल 8,82,964 रुपये ट्रांसफर कर दिए। उनको एक एप डाउनलोड कराया गया। इसमें उनके निवेश की रकम को बढ़ता हुआ दिखाया जा रहा था। कुछ समय बाद जब उन्होंने निवेश की गई रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें एप से ब्लॉक कर दिया गया।
साइबर ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
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साइबर ठगी से बचाव के तरीके

साइबर विशेषज्ञ डा.राजीव त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट पर सबसे आसान तरीके से ठग इस माध्यम से ही निशाना बनाते हैं। ऐसी ठगी से बचने के के लिए सबसे पहले लालच से बचना होगा। उन्होंने इन तरीकों को अपना कर साइबर ठगी से बचाव करने के बारे में बताया-
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- पहले सेबी में पंजीकृत निवेश सलाहकार का पता लगाएं। उनके माध्यम से ही निवेश करें।
- सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या फेसबुक पर मिले निवेश ऑफर पर बिना जांच
भरोसा न करें।
- कम समय में दोगुना पैसा या 100 प्रतिशत गारंटेड रिटर्न जैसे दावों गलत होते हैं। इससे सतर्क रहें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें।
- निवेश से पहले कंपनी, वेबसाइट और ऐप की प्रामाणिकता की जांच करें।
- किसी भी लिंक पर क्लिक कर बैंक, यूपीआई या डीमैट की जानकारी साझा न करें।
- ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, पासवर्ड या नेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न
बताएं।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें।
- निवेश करने से पहले छोटे ट्रांजेक्शन से प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता परखें।
- यदि निवेश के बदले पहले टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या विदड्रॉल चार्ज मांगा जाए तो सतर्क हो जाएं।
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