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सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक फिर खाली, मरीजों पर पड़ रहा भारी

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झांसी। सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक एक बार फिर खाली हो गए हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में नाममात्र ब्लड बचा है। जबकि, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तो एक भी यूनिट रक्त उपलब्ध नहीं है। मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। चाहे जिला अस्पताल हो या फिर मेडिकल कॉलेज दोनों की ही ब्लड बैंकों में 40-40 यूनिट से अधिक ब्लड रहता था। कोरोना वायरस का दौर शुरू हुआ तो रक्त का टोटा होना शुरू हो गया। डेढ़ महीने पहले भी दोनों अस्पतालों की ब्लड बैंकें खाली हो गईं थीं। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाकर झांसी के लोगों से रक्तदान करने की अपील की थी।
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कुछ महादानियों ने आगे आकर रक्तदान किया तो स्थितियां सुधर गई थीं। अब फिर से जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंकों में रक्त का जबरदस्त टोटा हो गया है। जिला अस्पताल में नाममात्र और गिने-चुने ग्रुपों का ब्लड ही उपलब्ध है। जबकि, मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक पूरी तरह खाली हैं। इस कारण मरीजों को लगातार रक्तकोषों से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इससे उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कइयों की जान तक मुसीबत में पड़ जा रही है।
अमर उजाला की अपील, जनहित में करें रक्तदान
अमर उजाला झांसी के लोगों से अपील करता है कि जरूरतमंदों की जान बचाने के लिए आगे आएं। आपका एक यूनिट ब्लड किसी की जान बचा सकता है। सरकारी चिकित्सालयों में जाकर रक्तदान जरूर करें।
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ये हैं हालात
चिकित्सालय यूनिट
जिला अस्पताल चार
मेडिकल कॉलेज शून्य
अभी एक भी यूनिट ब्लड रक्तकोष में नहीं बचा है। लगातार संस्थाओं, नियमित डोनरों से बातचीत जारी है। रक्त बनाया नहीं जा सकता, इसे सिर्फ दान ही किया जा सकता है। इसलिए सभी जिम्मेदारी समझकर रक्तदान करें। - डॉ. मुरारीलाल आर्या, ब्लड बैंक प्रभारी, मेडिकल कॉलेज।
मौजूदा समय में सिर्फ चार यूनिट ब्लड ही रक्तकोष में है। संस्थाओं से ब्लड डोनेशन करने के लिए संपर्क किया जा रहा है। सभी से अपील है कि दूसरों की जान बचाने के लिए रक्तदान करने के लिए आगे आएं। - डॉ. एमएस राजपूत, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल।
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