झांसी। रेलवे ने शनिवार रात को संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। ट्रेन में महिला को प्रसव पीड़ा होने पर ड्राइवर ने ट्रेन दौड़ा दी। इसके चलते ट्रेन 25 मिनट पहले झांसी स्टेशन पहुंच गई। झांसी के प्लेटफार्म पर पहले से तैनात रेलवे के डॉक्टरों ने महिला का उपचार किया। डॉक्टरों ने महिला को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन हालत में सुधार होने पर महिला से आगे की यात्रा करने की बात कही। जिसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
जानकारी के मुताबिक गाड़ी संख्या 02534 पुष्पक एक्सप्रेस के एस वन कोच के बर्थ नंबर 18 पर राबिया अपने पति लुकमान के साथ मनमाड़ जंक्शन से लखनऊ के लिए सफर कर रही थी। ट्रेन जैसे ही ललितपुर से छूटी तो महिला को प्रसव पीड़ा हुई। जिसकी जानकारी ट्रेन में तैनात स्टाफ और कंट्रोल रूम को दी गई। महिला को सही उपचार मिल सके इसलिए ट्रेन को तेज रफ्तार से दौड़ाया गया। जिसके चलते ट्रेन अपने निर्धारित समय 1.50 बजे से 25 मिनट पहले 1.25 पर झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंच गई। जहां पहले से तैनात रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को उपचार दिया।
उपचार के दौरान पता चला कि प्रसव पीड़ा सामान्य तौर पर हुई थी। जिसके लिए महिला को दवा दी गई। डॉक्टरों ने महिला के पति को महिला को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा गया, लेकिन हालत में सुधार होने पर दंपति ने आगे यात्रा करने की बात कही। जिसके बाद ट्रेन को अपने समय पर झांसी से उरई के लिए रवाना कर दिया गया। समय से पहले ट्रेन पहुंचने और महिला को सही उपचार मिलने पर लोग सराहना करते नजर आए। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिला को प्रसव पीड़ा हुई थी। जिसको झांसी में उपचार दिया गया। रेलवे की सक्रियता से महिला को सही वक्त पर उपचार मिल सका।