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लैब में ही कक्षा बनी, उपकरणों की भी कमी

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झांसी। पानी वाली धर्मशाला के पास स्थित लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कॉलेज की प्रयोगशालाओं में उपकरणों की कमी है। जगह की कमी की वजह से जीव विज्ञान की प्रयोगशाला में ही कक्षा संचालित की जा रही है। शनिवार को अमर उजाला ने कॉलेज की पड़ताल की तो प्रयोगशालाओं में रखे उपकरणों पर धूल लगी हुई मिली। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने दावा कि उनके यहां नियमित प्रैक्टीकल होते हैं।
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दिसंबर मध्य से यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। परीक्षा को लेकर स्कूल और विद्यार्थी कितने तैयार हैं, इसको लेकर अमर उजाला अभियान चलाकर पड़ताल कर रहा है। शनिवार को अमर उजाला ने पानी वाली धर्मशाला स्थित लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज की हकीकत जानी। यहां भौतिकी और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं में रखे उपकरणों में धूल की परत जमा थी। साथ ही वॉश बेसिन में गंदगी पड़ी हुई थी। ऐसे लग रहा था कि लंबे समय से इस लैब को खोला नहीं गया हो। भौतिकी के कुछ उपकरण भी खराब थे। उन्हें अलग रखा था। रसायन विज्ञान की लैब की स्थिति जरूर ठीक मिली। पड़ताल में सामने आया कि जीव विज्ञान की लैब में तो कक्षाएं भी संचालित होती हैं, जबकि, ऐसा नियम के विपरीत है। प्रयोगशालाओं में उपकरणों की कमी की समस्या भी उजागर हुई। ऐसे में प्रैक्टीकल की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है।
15 प्रैक्टीकल साल में होने चाहिए
बताया गया कि साल भर में हर विषय के 15 बार प्रैक्टीकल कराए जाने चाहिए। कॉलेज के स्टाफ ने बताया कि हर विषय में 13-13 प्रैक्टीकल करा दिए हैं। खिड़कियां, आला खुले होने के कारण लैब में धूल आ जाती है।
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कॉलेज की प्रयोगशालाओं में नियमित प्रैक्टीकल होते हैं। उपकरणों की कमी जरूर है, इनको मंगाने के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। जगह कम होने की वजह से जीव विज्ञान की लैब में कक्षाएं संचालित होती हैं। दोनों का समय अलग-अलग होने के कारण इससे प्रैक्टीकल और शिक्षण कार्य बिल्कुल प्रभावित नहीं होता है। - तावेद राशिदा सिद्दीकी, उप प्रधानाचार्य।
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