झांसी। अपर मुख्य सचिव, श्रम एवं जनपद के नोडल अफसर सुरेश चंद्रा ने शुक्रवार को कोविड से निपटने के इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने एल-वन अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के साथ ही गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई का भी अल्टीमेटम दिया। उन्होंने संचारी रोगों से निपटने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज, एल-वन अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों के बारे में पूछा। सीएमओ के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव, बरूआसागर, गरौठा एवं मऊरानीपुर सेंट मैरी इंटर कॉलेज में 100-100 बिस्तरों की क्षमता वाला एल-वन अस्पताल बनाया गया है। प्राइवेट अस्पताल चिरंजीवी एवं लाइफ लाइन में दस-दस बिस्तर उपलब्ध हैं। नोडल अफसर ने इन स्वास्थ्य केंद्रों में सारी व्यवस्थाएं पुख्ता रखने के निर्देश दिए। सीएचसी बड़ागांव में 50 बेड खाली हैं। यहां ऑक्सीजन के बीस सिलेंडरों का इस्तेमाल नहीं हुआ। नोडल अफसर ने गंभीर मरीजों की देखभाल सावधानी से करने के साथ ही तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएचसी में पल्स मीटर के इस्तेमाल न होने पर नाराजगी जताते हुए उपयोग के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अंद्रा वामसी ने बताया कि 11706 लोगों की जांच हो चुकी। इनमें 9504 निगेटिव पाए गए जबकि 362 पॉजीटिव मिले हैं। नोडल अधिकारी ने महामारी से निपटने में लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बैठक में सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी डी प्रदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।