केवाईसी के नाम पर बैंक खातों से साफ हो रहे लाखों रुपये
झांसी। थाना प्रेमनगर के कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी सुमनलता को साइबर अपराधी ने फोन कर पेटीएम का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर एक एप डाउनलोड कराया। ऑटोमेटिक वेरिफिकेशन के लिए क्रेडिट कार्ड से एप में एक रुपये का पेमेंट कराने के तुरंत बाद साढ़े चार लाख रुपये निकाल लिए। यह कोई पहला मामला नहीं है। सुमनलता की तरह साइबर अपराधी अब तक जिले के कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। सभी मामलों में साइबर थाना मामले की जांच भी कर रहा है।
ऑनलाइन खरीदारी के चलते साइबर क्राइम भी तेजी के साथ बढ़ा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो सतर्क रहें। साइबर ठग फोन करके खुद को पेटीएम का कर्मचारी बता रहे हैं। वह फोन पर पेटीएम केवाईसी खत्म कराने की कहते हैं, इसे तुरंत अपडेट कराना होगा नहीं तो पेटीएम बंद हो जाएगा। इसके बाद बातचीत कर एक एप डाउनलोड करने के लिए कहेगा। एप डाउनलोड करते ही खाते की जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच जाएगी। इसके बाद पेटीएम खाते से एक रुपये व दस रुपये डालने के लिए कहेगा। पैसे डालते ही खाते रकम निकल जाएगी।
केस नंबर 1
थाना नवाबाद के शिवाजी नगर निवासी बसीम के पास भी फोन आया था। केवाईसी अपडेट कराकर खाते की जानकारी लेकर 95 हजार रुपये निकाल लिए।
केस नंबर 2
उनाव गेट बाहर निवासी श्याम सिंह भी साइबर अपराधियों का शिकार बने। फोन पर उन्होंने खाते की जानकारी दे दी। ठग ने उनके खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए।
क्या है केवाईसी
केवाईसी यानी नो योर कस्टमर। केवाईसी एक पहचान प्रक्रिया है जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संचालित है। इसकी मदद से बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं अपने ग्राहक के बारे में अच्छे से जान पाती हैं। बैंक तथा वित्तीय कंपनियां इसके लिए फार्म को भरवाकर इसके साथ कुछ पहचान के प्रमाण भी लेती हैं।
ऐसे बरतें सावधानी
- अगर कोई केवाईसी अपडेट कराने के लिए फोन करता है तो उस पर भरोसा न करें।
- किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर कोई एप डाउनलोड नहीं करें। एप के माध्यम से आपकी जानकारी उसके पास पहुंच सकती है।
- फोन कॉल से कोई भी कंपनी कस्टमर वेरिफिकेशन नहीं कराती है।
- केवाईसी कराने आए प्रतिनिधि का पहचान पत्र देखकर और उसके फोन नंबर का मिलान करके ही केवाईसी करवाएं।
किसी भी व्यक्ति को फोन पर खाते से लेकर क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी कतई न दें। खाते या कार्ड संबंधित सभी कार्य बैंक जाकर कराएं। इसके लिए सतर्क रहें। लापरवाही बरतने से खाते से पैसे निकल सकते हैं। इन मामलों में साइबर सेल जांच कर रही है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी, नोडल अधिकारी साइबर थाना