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Jhansi News: भारी बारिश से कच्चे-पक्के मकान गिरे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सकरार / गरौठा /चौथामील / भंडरा।। जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इस मूसलाधार बारिश ने गरीबों के लिए बड़ी आफत खड़ी कर दी है। कई गांवों में कच्चे और पक्के मकान ढह गए हैं, जिससे परिवारों को बेघर होना पड़ा है।

ग्राम सकरार निवासी अब्दुल शहीद और उनकी पत्नी शाहजहां का कच्चा खपरैल मकान गिर गया। उनके गृहस्थी का सामान और अनाज मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।
गरौठा तहसील के नुनार खेरों, चौकरी, सर्वो, करणपुरा, चंद्रपुर और मढ़ा सहित एक दर्जन गांवों में खरीफ की फसलें नष्ट हो गईं। इन गांवों में कई कच्चे मकान भी जमींदोज हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आपदा के कई दिन बीतने के बाद भी कोई लेखपाल या राजस्व अधिकारी नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा। किसान चंद्रशेखर दीक्षित, आशुतोष दीक्षित, राघव दीक्षित, अंकित शर्मा, रामकिशोर पटेल, बृजेंद्र पटेल और रमाकांत पटेल ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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ग्राम कदौरा निवासी फुंदन अहिरवार के पक्के मकान की छत 29 अगस्त शुक्रवार शाम को गिर गई। करीब 30 फुट लंबी और 12 फुट चौड़ी कंक्रीट की यह छत अचानक ढह गई। फुंदन अहिरवार के मकान के अंदर रखी पानी की टंकी, मोटरसाइकिल और गेहूं बर्बाद हो गए। पशुओं के लिए रखा भूसा भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। छत गिरने से उनके परिवार के सामने रहने और गृहस्थी का सामान सुरक्षित रखने की समस्या आ गई है।
तहसील के ग्राम मारकुआं में रणवीर सिंह का मकान भी धराशायी हो गया। उनका पूरा परिवार बेघर हो गया है। रणवीर के मकान में रखा गृहस्थी का सामान और भूसा बर्बाद हो गया। उनके पुत्र लालजी मलबे की चपेट में आने से चोटिल हो गए। लालजी का उपचार एक निजी अस्पताल में कराया गया है।
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बेघर हुए परिवारों ने शासन और प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
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