घरों के कूड़े में भी अगर पॉलिथीन मिली तो जुर्माना लगेगा। नगर निगम इसकी मॉनीटरिंग के लिए विशेष व्यवस्था करने जा रहा है। मंशा यह है कि हर स्तर पर पॉलिथीन के उपयोग पर अंकुश लगाया जाए।
पॉलिथीन मुक्त अभियान के नोडल अधिकारी संयुक्त नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने बताया कि निगम कर्मी अभी दुकानों पर जा-जा कर कार्रवाई कर लोगों को सबक सिखाने के लिए चालान काट रहे हैं। इसका असर बाजा में दिख रहा है, लेकिन कई लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसलिए अब और कड़ी निगरानी की जाएगी। नगर निगम का एक-एक कर्मचारी पॉलिथीन का उपयोग करने वालों पर निगाह रखेगा। चेतावनी के बावजूद न सुधरने वालों का चालान काटा जाएगा।
उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कलेक्शन में यदि पॉलिथीन कचरा दिया जाता है तो उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी नहीं सुधरे तो जुर्माना राशि बढ़ाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह नियम दुकानदारों व प्रतिष्ठानों पर भी लागू होगा। यदि किसी दुकान के आसपास पॉलिथीन कचरा पाया जाता है तो उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर पॉलिथीन फेंक कर परिसर को गंदा करने व नियमों की अवहेलना करने वालों पर भी जुर्माना लगेगा।
बता दें कि घरों से अभी भी 50 माइक्रोन की पॉलिथीन कचरे में दी जा रही हैं। डोर-टू-डोर कलेक्शन करने वाले अभी चुपचाप कचरे को ले जा रहे हैं और डंपिंग जोन में डंप कर रहे हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इस नुकसान से बचने और नियमों का पालन करने के लिए यह कदम नगर निगम की ओर से उठाया जा रहा है।
जुर्माने से बचना है तो बैंक में कराएं जमा
पर्यावरण के लिए हानिकारक बन चुकी पॉलिथीन को जड़ से खत्म करने व जुर्माने से बचने के लिए नगर निगम आपको एक मौका दे रहा है। संयुक्त नगर आयुक्त के अनुसार शहरवासियों व दुकानदार पॉलिथीन को वार्ड में बनाए गए पोटा केबिल में एकत्र कर जमा कर सकते हैं या फिर नगर निगम में भी जमा करा सकते हैं। स्वेच्छा से पॉलिथीन जमा कराने वालों पर नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। महानगर में प्लास्टिक वेस्ट को एकत्र करने के लिए 30 पोटा केबिल हैं। इसके बाद यदि पॉलिथीन पाई जाती है तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।