झांसी। भरारी केंद्र में ग्रामीण कृषि मौसम सेवा योजना के अंतर्गत कृषक जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि जलवायु में हो रहे लगातार परिवर्तन जैसे वर्षा की अनिश्चितता, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं सूखे के कारण कृषकों को काफी क्षति होती है, जिसमें फसलों, उद्यान एवं पशुपालन के लिए भरारी केंद्र से प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को जारी होने वाली मौसम पूर्वानुमान आधारित कृषि बुलेटिन अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने के लिए गौ संवर्धन जरूरी है। इसके लिए युवाओं को कृषि में रोजगार के अवसरों का लाभ उठाते हुए कम पानी में होने वाली फसलों एवं जैविक सब्जियों को समूह में उगाकर बाजार में अच्छा मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। योजना के नोडल अधिकारी डॉ मुकेश चंद्र द्वारा ग्रामीण कृषि मौसम सेवा योजना के संबंध में बताया कि यह इकाई सन 1999 से लगातार मौसम पूर्वानुमान आधारित बुलेटिन जारी कर रही है। दीर्घावधि विधि में पूर्वानुमान, आगामी फसल कि योजना हेतु अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ है। इस दैरान डॉ. एसी मिश्रा, डॉ. निशि राय, डॉ. हिमांशु सिंह डॉ. सीएम सिंह, डॉ. एमपी सिंह मौजूद रहे।