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केके पुरी के निवासियों ने जुटाया नाले के लिए चंदा

Thu, 26 Jul 2018 12:37 AM IST
amarujala
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rupay, jhansi news - फोटो : demo
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आवास विकास स्थित केके पुरी कॉलोनी में बरसात में होने वाले जलभराव से तंग आकर मोहल्ले वासियों ने स्वयं ही समाधान निकाल लिया है। कॉलोनी के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर नाले को ठीक कराने का बीड़ा उठाया है। पर, बुधवार को हुई बारिश से काम में खलल पड़ा। वहीं बरसात के दौरान जलभराव होने से घरों में जहरीले कीड़े घुस गए, जिससे वह भयभीत हैं।
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क्षेत्रवासियों ने बताया कि नगर निगम मानने को तैयार नहीं कि नाले के ढाल का निर्माण गलत तरीके से किया गया है। इसलिए सभी ने चंदा एकत्रित करके उसे ठीक कराने का बीड़ा उठाया है। बुधवार को चंदा एकत्र कर मजदूरों को नाले को ठीक कराने के लिए बुलाया गया। इससे पहले नाले को ठीक किया जाता, बरसात शुरू हो गई। इससे जलभराव हो गया। लोगों के घरों में नाले का पानी ही नहीं, बल्कि जहरीले कीड़े भी घुस गए। किसी प्रकार से लोगों ने भय में रात काटी।
इधर, नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने मंगलवार को समस्या बताने पर उसे ठीक कराने का आश्वासन दिया था, परंतु बुधवार को नगर निगम का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। यही कारण रहा कि लोगों को लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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यहां भी जलभराव से जूझे शहरवासी
- नरिया बाजार
- तलैया
- दरीगरान
- बजरिया
- पठौरिया
- दतिया गेट
- मेंहदी बाग
- मेवातीपुरा
- खुशीपुरा
- नंदनपुरा
- खातीबाबा
- मेंहदीबाग


जान लेने पर आमादा हैं सड़क पर गड्ढे
झांसी। सड़क पर बने गड्ढे जान लेने पर आमादा हैं। बरसात के पहले कई स्थानों पर सड़कों पर गड्ढों को लेकर अमर उजाला ने खबर भी प्रकाशित की, परंतु नगर निगम पर कोई असर नहीं हुआ। यही वजह रही कि बुधवार को एक युवक सड़क के बीचों बीच बने गड्ढे में बाइक समेत गिर गया। इससे उसका एक पैर फ्रैक्चर हो गया।
बस स्टैंड से कानपुर रोड की ओर जाने वाली सड़क पर फाबुली पुरोहित हास्पिटल के सामने सड़क के बीचों-बीच गहरा गड्ढा है। इस गड्ढे में बरसात के कारण पानी भर गया, जिससे दिखाई नहीं दे रहा है। डॉ. फाबुली पुरोहित ने बताया कि कानपुर रोड से बस स्टैंड पर शाम को एक युवक बाइक पर सवार होकर जा रहा था कि तभी उसकी बाइक गड्ढे में जा गिरी। इससे उसका एक पैर फ्रेक्चर हो गया। वह तो शुक्र रहा कि वह हेलमेट पहने था, अन्यथा डिवाइडर से सिर टकराने पर कुछ भी हो सकता था। उनके अनुसार इससे पहले भी गड्ढे में कई लोग गिरकर गंभीर रूप से चोटहिल हो चुके हैं। डायल 100 ने हादसों को होते देख उस गड्ढे में ईटें डालकर सुधारने का प्रयास किया था, पर भारी वाहनों की आवाजाही से दोबारा वहां गहरा गड्ढा हो गया। सड़क पर न जाने ऐसे कितने गड्ढे हैं और रोजाना उसमें फंसकर हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन सचेत नहीं हो रहा है।
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