किसानों को मिलेगी राहत, अलग से बनेंगे बिजली फीडर
झांसी। बिजली विभाग किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के लिए अलग से फीडर बनाएगा, ताकि किसानों को कम वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिले। एक फीडर से दो हजार ट्यूबवेल के कनेक्शन जोड़े जा सकेंगे। काम का सर्वे चल रहा है। झांसी और ललितपुर जिले में 11- 11 फीडर बनाए जाएंगे, जबकि जालौन जिले में 24 फीडर बनेंगे। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 7400 किसानों के पास सिंचाई के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन भी हैं। लेकिन अलग से बिजली फीडर नहीं होने के कारण ओवरलोडिंग की समस्या रहती है। इस कारण किसान दिन में सिंचाई नहीं कर पाते हैं और उन्हें मजबूरन रात में जागना पड़ता है। क्योंकि, ओवरलोड ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। इसलिए फुंकने से बचाने के लिए दिन में ट्यूबवेल बंद रखते हैं। ओवरलोडिंग के कारण बार- बार बिजली कटौती भी होती है। इस कारण बार- बार ट्यूबवेल बंद करना पड़ता है। लगातार बिजली न मिलने के कारण किसानों को सिंचाई में बांधा पहुंचती है और बेवजह पानी भी बरबाद होता है।
किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जिले के अलग- अलग स्थानों पर 11 नए फीडर बनाए जाएंगे। इन फीडरों से ट्यूबवेल के कनेक्शनों को जोड़ा जाएगा। फीडर बनाने के लिए बबीना, बड़ागांव, गुरसराय, मऊरानीपुर, एरच, पूंछ, मोंठ, बरुआसागर, बामौर, सकरार, टहरौली, गरौठा, टोड़ी फतेहपुर, रक्सा, चिरगांव क्षेत्र में सर्वे चल रहा है। इसके अलावा जालौन में 25 और ललितपुर में 11 फीडर बनाए जाएंगे। एक फीडर से दो सौ एंपियर तक का करंट दौड़ाया जा सकेगा। इससे एक फीडर से कम से कम दो हजार तक ट्यूबवेल कनेक्शन जोड़े जा सकते हैं। काम पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वर्जन
सिंचाई के लिए ओवरलोडिंग की समस्या के समाधान के लिए अलग से फीडर बनाए जा रहे हैं। अभी सर्वे का काम चल रहा है। डेढ़ साल में काम पूरा हो जाएगा। - जेपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण)।